गूगल ने ऑस्ट्रेलिया में दी सर्च ब्लॉक करने की धमकी, पीएम स्कॉट मॉरिसन ने दिया जवाब

by Siddharth Chaturvedi 9 months ago Views 47441

Google threatens to block search in Australia, PM
ऑस्ट्रेलिया सरकार और गूगल के बीच 'मीडिया पेमेंट लॉ' को लेकर करीब एक महीने से गतिरोध चल रहा है और अब गूगल ने ऑस्ट्रेलिया सरकार को देश में गूगल सर्च इंजन पर रोक लगाने की धमकी दी है। गूगल ने धमकी देते हुए कहा है कि अगर उसे लोकल न्यूज पब्लिशरों को भुगतान करने के लिए मजबूर किया जाता है तो कंपनी अपना सर्च इंजन ऑस्ट्रेलिया के लिए बंद कर देगी। वहीं ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा है कि वह धमकियों पर प्रतिक्रिया नहीं देते हैं।

दरअसल ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने पिछले दिनों ही एक कानून पास किया था जिसके तहत दिग्गज इंटरनेट कंपनियों के लिए अनिवार्य किया गया था कि वह मीडिया संस्थानों को उनके कंटेट के लिए एक निश्चित रकम दें। ऐसा न करने पर इन कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।


गूगल ऑस्ट्रेलिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मेल सिल्वा ने राजधानी केनबरा में सीनेट कमेटी के सामने सुनवाई के दौरान चेतावनी के अंदाज़ में कहा था कि दुनिया का यह पहला मीडिया कानून काम करने के योग्य नहीं है। इससे इंटरनेट का कामकाज कमज़ोर होगा। सिल्वा ने कहा कि अगर यह बिल कानून के रूप में लागू होता है तो उनके पास गूगल सर्च को ऑस्ट्रेलिया में बंद करने के सिवा कोई विकल्प नहीं बचेगा।

गूगल की इस धमकी का ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने तुरंत जवाब दिया। प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा 'ऑस्ट्रेलिया अपने नियम उन चीज़ों के लिए बनाता है जो आप ऑस्ट्रेलिया में कर सकते हैं। ये हमारी संसद में बनता है। जो लोग इसके साथ ऑस्ट्रेलिया में काम करना चाहते हैं उनका स्वागत है। लेकिन हम धमकियों का जवाब नहीं देते।'

ऑस्ट्रेलिया सरकार के इस कानून का गूगल, फेसबुक के अलावा दूसरी टेक कंपनियां भी विरोध कर रही हैं। सुनवाई के दौरान फेसबुक ने भी इस कानून को काम करने में मुश्किल करने वाला बताया और कहा कि वह ऑस्ट्रेलियाई मीडिया को अपने प्लेटफॉर्म पर पब्लिश करना बंद कर देगा। फेसबुक ने सुनवाई के दौरान कहा कि बड़ी संख्या में फेसबुक यूज़र जो करना चाहते हैं वो कर सकेंगे लेकिन हम अपने प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ पब्लिश करना बंद कर देंगे।

कानून के जिस पहलू पर सबसे ज़्यादा विवाद है वह यह है कि अगर तीन महीने तक गूगल और फेसबुक मीडिया कंपनियों के साथ कंटेंट की कीमत पर कोई समझौता नहीं कर पाते हैं तो उन्हें एक अनिवार्य मध्यस्थता को स्वीकार करना होगा। ये मध्यस्थता न्यूज़ आउटलेट के प्रस्ताव पर टेक कंपनी के साथ बात करेगा और उस पर एक सहमति तैयार करेगा। इस कानून के तहत टेक कंपनियां अगर एल्गोरिदम में कोई परिवर्तन करती हैं जिससे न्यूज़ आउटलेट के कंटेंट वितरण पर कोई असर पड़ता है तो न्यूज़ आउटलेट को दो सप्ताह पहले नोटिस देना होगा। इसके साथ ही अगर कंपनियां भुगतान से बचने के लिए अगर कंटेंट को ब्लॉक करती हैं तो उन्हें जुर्माना देना होगा।

ऑस्ट्रेलिया के इस नये मीडिया कानून की पर दुनिया भर की नज़र है। ख़ास तौर पर जब दुनिया भर में बढ़ते डिजिटल बिजनेस में हिस्सा पाने में मीडिया आउटलेट मुश्किल का सामना कर रहे हैं। इस बिजनेस पर दुनिया की कुछ दिग्गज कंपनियों का पूरी तरह क़ब्ज़ा है।

वहीं कुछ वक़्त पहले गूगल और फ्रांस सरकार के बीच डिजि‍टल न्यूज़ कंटेंट इस्‍तेमाल करने को लेकर एक डील हुई है। इसके तहत गूगल न्यूज़ प्रकाशकों को ऑनलाइन न्यूज़ कंटेंट के लिए पैसे का भुगतान करेगी। यह भुगतान कितना होगा, इसका खुलासा गूगल ने नहीं किया है। यह पैसा रोजाना पब्लिश होने वाली न्यूज़ की मात्रा और महीने के इंटरनेट ट्रैफिक को देखते हुए तय होगा । फ्रांस यूरोपीय यूनियन कॉपीराइट अपनाने वाला पहला देश है और इसी के तहत गूगल को यह पैसा देना पड़ा है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2018 में जब एक तरफ़ कई छोटे मीडिया संस्थानों और अख़बारों पर ताले लग रहे थे तब गूगल ख़बरों से 4.7 बिलियन डॉलर रुपय बना चुका था। यह रिपोर्ट एक और रोचक आँकड़ा सामने लाती है, जो बताता है कि गूगल के कुल सर्च में से क़रीब 40%  ख़बरों के लिए होते हैं। इससे गूगल पैसा कमाती है जिसमें उसका रत्ती भर भी योगदान नहीं होता।

देखने वाली बात होगी कि ऐसे क़ानून अब बाक़ी देशों में कब आयेंगे और ऑस्ट्रेलिया में सरकार और गूगल का अगला क़दम क्या होगा?

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