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कोरोनावायरस: फेक न्यूज़ से बचने का तरीका लाया व्हाट्सप्प

by Abhishek Kaushik 1 year ago Views 294463

Coronavirus: WhatsApp brings a way to avoid fake n
पॉयन्टर इंस्टीट्यूट जो पत्रकारिता का समर्थन करने वाला एक एनपीओ है, उसने दुनियाभर में कोरोना वायरस को लेकर फ़ैल रही चार हज़ार से अधिक फेक न्यूज़ पर लगाम कसने के लिए व्हाट्सप्प पर एक चैटबॉट लॉन्च किया है। इस चैटबॉट की मदद से दुनिया भर के लोग व्हाट्सप्प पर किसी भी तरह की फेक न्यूज़ को चेक कर सकते है। इससे काफी हद तक सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ को रोका जा सकेगा।

ये चैटबॉट 70 से अधिक देशों में 100 से ज्यादा स्वतंत्र तथ्य-चैक करने वाली संस्थाओं द्वारा आपूर्ति की गई जानकारी पर निर्भर करता है। पॉयन्टर इंस्टीट्यूट ने कहा कि 'ये COVID-19 से संबंधित फैलाई जाने वाली फेक न्यूज़ को पकड़ने का सबसे बड़ा डेटाबेस है'। 


वहीं व्हाट्सप्प ने बताया कि 'सेवा वर्तमान में अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध कराई गई है लेकिन हिंदी, स्पेनिश और पुर्तगाली सहित अन्य भाषाओं के लिए काम चल रहा है और जल्द ही शुरू कि जाएंगी'।

यूज़र्स नंबर के रूप में +1 (727) 2912606 को अपनी डिवाइस में सेव करके और "Hi" शब्द को टेक्सट करके चैटबॉट का इस्तेमाल कर सकते हैं। या फिर यूज़र्स Whatsapp Chatbot लिंक पर क्लिक कर सकते हैं। उसके बाद आप इसका इस्तेमाल अपनी किसी भी तरह कि कोरोना वायरस सम्बंधित न्यूज़ को चैक करने के लिए कर सकते है।

ये चैटबॉट यूज़र के देश (उनके मोबाइल देश कोड की जांच) की पहचान करता है, और उन्हें ऐसी जानकारी प्रदान करता है जो किसी संगठन द्वारा तथ्य-जांच की गई है। यह कोरोनोवायरस प्रकोप से लड़ने के लिए सामान्य सुझाव भी साझा करता है।

ये सेवा निशुल्क है और चौबीसों घंटे काम करती है। अपनी शर्तों के अनुसार इसका दावा है कि किसी भी रूप में आपकी व्यक्तिगत जानकारी कभी साझा नहीं की जाएगी। जो सिक्योरिटी के हिसाब से बहुत एहम चीज़ है।

नया चैटबॉट व्हाट्सएप का एक प्रयास है जिसका उपयोग 2 बिलियन से अधिक लोगों द्वारा किया जा रहा है, ताकि इससे गलत सूचनाओं पर रोक लगाई जा सके। हाल के महीनों में, व्हाट्सएप ने WHO के साथ मिलकर एक सूचना सेवा शुरू की है, जो कुछ ही दिनों में 10 मिलियन से अधिक यूज़र्स तक आधिकारिक जानकारी पहुंचा चुकी है। 

इसके साथ-साथ व्हाट्सएप ने अपने प्लेटफार्म पर फेक न्यूज़ को कम करने और आधिकारिक जानकारी पहुंचाने के लिए मार्च में पॉयन्टर इंस्टीट्यूट के इंटरनेशनल फैक्ट-चेकिंग नेटवर्क (IFCN) को एक मिलियन डॉलर का दान दिया था। 

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