चीनी निवेश वाली कंपनी ड्रीम-11 को मिली आईपीएल 2020 की स्पॉन्सरशिप

by Siddharth Chaturvedi 1 year ago Views 7648

Chinese-invested company Dream-11 gets sponsorship
चीनी मोबाइल कंपनी वीवो से क़रार टूटने के बाद आईपीएल को नया टाइटल स्पॉन्सर मिल गया है. यह स्पॉन्सरशिप फैंटेसी गेमिंग फर्म ड्रीम-11 को मिला है. आईपीएल 2020 के लिए इस फर्म को 222 करोड़ रुपए चुकाने होंगे. ये क़रार 18 अगस्त से 31 दिसंबर 2020 तक के लिए ही होगा.

वीवो के हटने के बाद टाइटल स्पॉन्सर की इस दौड़ में पहले पतंजलि, टाटा सन्स जैसे नाम शामिल थे लेकिन टाटा संस ने आखिरी दौर के लिए बोली ही नहीं लगाई. वहीं बोली में दो एजुकेशन टेक्नोलॉजी कंपनियां बायजूस 210 करोड़ रुपए और अनएकेडमी 170 करोड़ रुपए के साथ दूसरे और तीसरे पायदान पर रहीं.


इससे पहले साल 2018 में चीनी मोबाइल कंपनी वीवो ने पांच सालों के लिए आईपीएल का कॉन्ट्रैक्ट लिया था. 2,200 करोड़ का ये कॉन्ट्रैक्ट साल 2023 तक के लिए था लेकिन देश में चीन कंपनियों के खिलाफ़ बने माहौल के चलते वीवो का क़रार आईपीएल 2020 से टूट गया.

हालांकि दिलचस्प बात यह है कि ड्रीम-11 में भी चीन की कंपनी का निवेश है. चीन की टेक कंपनी टैंसेंट ने 2018 में ड्रीम-11 में 10 करोड़ डॉलर यानी 720 करोड़ रुपए का निवेश किया था। बीसीसीआई ने ड्रीम-11 में टैंसेंट के निवेश की अनदेखी करने के पीछे दलील दी है कि ड्रीम-11 देसी कंपनी है। इसके फाउंडर हर्ष जैन और भावित सेठ हैं जहां 400 से ज्यादा कर्मचारी भारतीय हैं. टैंसेंट के पास सिर्फ 10% शेयर हैं। ड्रीम-11 सिर्फ भारतीय यूजर्स के लिए है.

बीसीसीआई बोर्ड ने भारतीय कंपनियों को लुभाने के लिए टाइटल स्पॉन्सरशिप की रकम 90 करोड़ रुपए कम की थी। पहले यह रकम 440 करोड़ रुपए सालाना थी. बोर्ड ने नई बिडिंग के लिए रकम घटाकर 300 करोड़ से 350 करोड़ रुपए सालाना कर दी थी। हालांकि, ड्रीम-11 को टाइटल स्पॉन्सरशिप 222 करोड़ रुपए में ही मिली है.

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