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उत्तराखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू, कोविड की निगेटिव रिपोर्ट पर ही प्रवेश पा सके विधायक

by Ankush Choubey 4 months ago Views 2104

देहरादून के जिलाधिकारी डॉक्टर आशीष श्रीवास्तव ने कोविड-19 महामारी को देखते हुए, सोमवार सुबह विधानसभा भवन के 300 मीटर के दायरे में धारा 144 लगाने का आदेश जारी किया।

Winter session of Uttarakhand Vidhan Sabha begins,
कोविड के ख़तरे को देखते हुए आज उत्तराखंड विधानसभा का तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र बचाव के कड़े इंतज़ाम के साथ शुरू हुआ। विधायकों को कोविड निगेविटव की रिपोर्ट दिखाने पर ही विधानसभा में प्रवेश की इजाज़त दी गयी। सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ख़ुद कोरोना संक्रमित हैं, जिसकी वजह से काफ़ी एहतियात बरती जा रही है। वहीं कांग्रेस ने सिर्फ तीन दिन का शीतकालीन सत्र बुलाये जाने को लेकर सरकार की आलोचना की है।

देहरादून के जिलाधिकारी डॉक्टर आशीष श्रीवास्तव ने कोविड-19 महामारी को देखते हुए, सोमवार सुबह विधानसभा भवन के 300 मीटर के दायरे में धारा 144 लगाने का आदेश जारी किया। इस कड़ाई की मुख्य वजह  मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और उनके कई परिजन कोरोना वायरस से संक्रमित होना है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत आइसोलेशन में हैं, इसलिए सोमवार को हुए विधानसभा सत्र में शामिल नहीं हुए। ये पहला मौका है जब मुख्यमंत्री सत्र की कार्यवाही से दूर रहे। हालाँकि उनके वर्चुअली जुड़ने की व्यवस्था की गयी है।


वहीं विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ने निर्देश जारी किया कि विधायकों को कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट दिखाने के बाद ही विधानसबा परिसर में प्रवेश की इजाज़त मिलेगी। अगर किसी के पास अपनी रिपोर्ट नहीं होगी तो उसका पहले कोरोना टेस्ट होगा और नेगेटिव पाये जाने पर ही अंदर आने दिया जाएगा।

विधानसभा सत्र के पहले दिन दिवंगत हुए विधायकों और पूर्व विधायकों को सदन में श्रद्धांजलि दी गई। जिनमें कोविड 19 से जान गंवाने वाले अल्मोड़ा जिले के सल्ट के बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह जीना और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष और कांग्रेस विधायक रहे अनुसूया प्रसाद मैखुरी भी शामिल हैं।

सत्र की पूर्वसंध्या पर रविवार को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कोरोना प्रभाव के चलते पक्ष और विपक्ष दोनों से सदन को चलाने में सहयोग मांगा। महज़ 3 दिन के विधानसभा सत्र लेकर कांग्रेस ने आपत्ति उठाते हुए अवधि बढ़ाने की मांग की है। सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल नहीं होने की वजह से भी कांग्रेस पार्टी ने जमकर हंगामा किया।

कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश के कई मुद्दों पर चर्चा होना बेहद ज़रूरी है और सरकार को सभी मुद्दे पर जवाब देना चाहिए । कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चूँकि सरकार को पता है कि किसान आंदोलन, महंगाई, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है, इसीलिए सरकार ने तीन दिन का ही विधानसभा का सत्र बुलाया है।

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