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क्या पड़ोसियों से बिगड़ते रिश्ते को संभाल पाएंगे पीएम मोदी?

by Rahul Gautam 10 months ago Views 913

Will PM Modi be able to handle the deteriorating r
महामारी और गिरती अर्थव्यवस्था से जूझ रहे देश के सामने कूटनीतिक मोर्चे पर भी चुनौती काफी बढ़ गई है. महज़ एक हफ्ते के भीतर चीन, पाकिस्तान और नेपाल से लगने वाली सीमा पर झड़प और गोलीबारी हुई है. फिलहाल भारत के सात पड़ोसी देशों नेपाल, पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश, म्यांमार, भूटान और श्री लंका में से चार के साथ रिश्ते तल्ख़ हैं. ज़ाहिर है कि पीएम नरेंद्र मोदी के लिए यह वक्त आसान बिल्कुल भी नहीं है. इस रिपोर्ट से समझिए कि दक्षिण एशिया में भारत आज किन चुनौतियों का सामना कर रहा है?

भारत के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती चीन है जिसने गलवान वैली में 20 भारतीय सैनिकों को बर्बरता के साथ मार दिया. सिक्किम से सटे इलाक़े डोकलाम में 73 दिनों तक चली तनातनी के बाद लदाख में हुए ख़ूनी संघर्ष से भारत-चीन से रिश्ते बिगड़ गए हैं. प्रधानमंत्री मोदी पिछले छह सालों में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से 18 बार मिल चुके है. इसके बावजूद लद्दाख की गलवान घाटी पर चीन का कब्ज़ा हो गया. चीन अब पीछे हटने को तैयार नहीं है और उसे पीछे ढ़केलने की कोशिश में रिश्तों में तनाव आना तय है.


नेपाल और भारत के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता है लेकिन अब नेपाल के साथ रिश्ते में कड़ुवाहट बढ़ती जा रही है. भारत ने लिपुलेख में एक सड़क का निर्माण किया जिसपर नेपाल ने अपना दावा कर दिया. नाराज़ नेपाल ने अपनी संसद में नए नक्शे से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी भी दे दी जिसमें लिपुलेख, कालापानी और  लिंपियाधुरा को अपने देश का हिस्सा बताया है. भारत ने इसपर कड़ी प्रतिक्रिया दी है लेकिन नेपाल सुनने को तैयार नहीं है. ऊपर से 12 जून को नेपाल की तरफ से हुई फायरिंग में एक भारतीय मौत के बाद से रिश्ते में आई दरार और बढ़ गई है.

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4 युद्ध लड़ चुके पाकिस्तान से तो रिश्ते भारत के साथ शुरू से ही अच्छे नहीं थे लेकिन 1999 में कारगिल युद्ध के बाद रिश्ते बेहतर हुए लेकिन 2008 मुंबई हमले के बाद हालात फिर बिगड़ गए. पीएम मोदी ने साल 2015 में नवाज़ शरीफ की बेटी की शादी में अचानक पाकिस्तान जाकर सबको चौंका दिया था। तब उम्मीद थी कि भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते मोदी सरकार में बेहतर होंगे लेकिन हुआ बिलकुल उल्टा. भारत ने इसके बाद लगातार पाकिस्तान पर कश्मीर मे गड़बड़ी फ़ैलाने का आरोप लगाकर बातचीत बंद कर दी. दोनों देशो में व्यापारिक संबंध ना के बराबर है और लोगों में आपसी मेलजोल बिलकुल बंद। ऊपर से बॉर्डर पर सीज़फायर उल्लंघन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है.

बांग्लादेश को बनाने में भारत की अहम भूमिका रही है. दोनों देशों के रिश्ते भी बेहतर रहे हैं लेकिन अब इसमें दरार आती दिख रही है. विवादित नागरिकता कानून के चलते बांग्लादेश के हाई प्रोफाइल मंत्री भारत का दौरा रद्द कर चुके हैं. ढाका समेत तमाम शहरों में मौजूदा सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं.

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