क्यों विवादों में है असम सरकार का नया मवेशी संरक्षण विधेयक ?

by GoNews Desk 6 months ago Views 2378

असम विधानसभा में नया मवेशी बिल पेश किया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सर्मा द्वारा पेश इस बिल का लक्ष्य मवेशियों को काटने वाले कसाई, इनकी खपत और अवैध ट्रांसपोर्ट को नियंत्रित कर गायों का संरक्षण करना है। 

दावा है कि इस बिल से असम से और असम में होने वाली अवैध गौ तस्करी से निपटने में मदद मिलेगी। हालांकि बिल सदन में प्रस्तावित किए जाने के साथ ही आलोचनाओं से घिर गया है। असम सरकार के नए 'गो वध विरोधी' विधेयक की कुछ विशेषताओं पर आपत्ति जताई जा रही है। 

उदाहरण के लिए विधेयक की धारा 8 में कहा गया है कि कोई व्यक्ति उन जगहों पर सीधे या अप्रत्यक्ष तौर पर बीफ या इसके उत्पाद नहीं बेचेगा जहां इसकी इजाजत नहीं है।

बिल में कहा गया है "वह इलाके जहां मुख्य तौर पर गाय का मांस ना खाने वाली हिंदू, जैन, सिख आबादी रहती है और मंदिर जैसे हिंदुओं के धार्मिक स्थानों के 5 किलोमीटर के दायरे में भी बीफ या इसके उत्पाद बेचे और इसकी पेशकश नहीं की जाएगी। 

विधेयक के तहत इस नियम को लेकर आशंका जताई जा रही है कि इससे राज्य में सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा मिलेगा।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक विधेयक पर प्रतिक्रिया देते हुए, नेता प्रतिपक्ष देवव्रत सैकिया ने कहा, “बीफ के बारे में 5 किमी का नियम। कहीं भी पत्थर रखा जा सकता है और कोई भी कहीं भी 'मंदिर' बना सकता है - इसलिए यह बहुत अस्पष्ट हो जाता है। इससे सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकती है।"

असम मवेशी संरक्षण विधेयक, साल 1950 में बनाए गए क़ानून की जगह लेगा जो स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारी की मंजूरी के बाद 14 साल से अधिक उम्र के मवेशियों को काटे जाने की अनुमति देता है। 

 मवेशी संरक्षण विधेयक 2021 की धारा 4 में किसी भी व्यक्ति द्वारा गोवध या मवेशी की बलि पर रोक लगाने का प्रावधान है हालांकि विधेयक की धारा 5 कहती है कि सिर्फ पंजीकृत पशुचिकित्सा अधिकारी से सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही मवेशियों का वध किया जा सकेगा। 

धारा 7 के अनुसार बिना वैध दस्तावेजों के असम में अंतर राज्यीय और राज्य के बाहर गायों को ट्रांसपोर्ट नहीं किया जा सकेगा। ऐसा करते पाए जाने पर वाहन और इसमें ले जाए जा रहे मवेशियों को जब्त कर लिया जाएगा।

इसके अलावा प्रस्तावित कानून अलग-अलग मवेशियों पर बिना किसी अंतर के बैल, गाय, बछिया नर और मादा भैंस के साथ-साथ भैंस के बछड़े पर भी लागू होगा। कानून का उल्लंघन करने पर अधिकतम 8 साल की जेल और अधिकतम 5,00,000 के जुर्माने या दोनों का प्रावधान है।

ताज़ा वीडियो

TAGS

ताज़ा वीडियो

Facebook Feed