अर्थव्यवस्था की तबाही में बड़े-बड़े झटके किन सेक्टरों पर लगे

by Rahul Gautam 1 year ago Views 1030

Which sectors suffered major setbacks in the destr
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की जीडीपी -23.9 प्रतिशत पर पहुंच गयी है. नए आंकड़े किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं. आर्थिक मोर्चे पर मची इस तबाही की सबसे बड़ी वजह है 25 मार्च को अचानक लगाया गया लॉकडाउन जो कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगाया गया था.

4 घंटे में घोषित हुआ लॉकडाउन 70 दिनों से ज्यादा चला और इस दौरान देश में आर्थिक गतिविधियों पर पूरी तरह ब्रेक लग गया. इस दौरान सिर्फ आवश्यक सेवाओं जैसे कि खाद्य पदार्थों और दवाओं की आपूर्ति की ही इजाज़त थी. नए आंकड़े बताते हैं कि कृषि, वानिकी और मतस्य को छोड़कर सभी क्षेत्रों में ज़बरदस्त गिरावट आई है.


देश में दिहाड़ी मजदूरों को सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले सेक्टरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गयी है. निर्माण क्षेत्र में 50.3 तो मैन्युफैक्चरिंग में 39.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई. इसके अलावा होटल, परिवहन, संचार और सेवाएं 47.0 प्रतिशत सिकुड़ी हैं.

माइनिंग में भी 23.3 फीसदी की गिरावट दर्ज़ हुई है, जबकि बिजली, गैस, पानी की आपूर्ति और अन्य उपयोगिता सेवाओं में 7 फीसदी की गिरावट आई है. वहीं होटल, परिवहन, संचार और सेवाएं 47.0 प्रतिशत सिकुड़ी हैं.

वहीं रियल एस्टेट सेक्टर में 5.3 परसेंट और प्रशानिक और सैन्य सेक्टर में भी 10 फीसदी की गिरावट आयी है. सिर्फ कृषि, और मछली पकड़ने के उद्योग में जून की तिमाही में 3.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई.

हालांकि इस आर्थिक त्रासदी के लिए कोरोना को पूरी तरह दोष देना समझदारी नहीं है. कारण है इससे पहले आए जीडीपी के आंकड़े. दरअसल, पिछले 2 वित्त वर्षों के आंकड़ों पर नज़र डालें तो मालूम पड़ता है कि देश की अर्थव्यवस्था लगातार ढलान पर थी जिसके कारण उद्योग-धंधे बंद हो रहे थे और लगातार नौकरियां जा रही थीं.

एनएसओ के आंकड़े इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्यूंकि यह महामारी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर पहला सरकारी बेंचमार्क साबित होगा. इसके आधार पर ही देश में निवेश का माहौल बनेगा और सरकार और कारोबारी दोनों इन्ही आंकड़ों के मुताबिक अपनी रणनीति बनाएंगे.

मगर फ़िलहाल, ये आंकड़े बेहद डरावनी तस्वीर पेश कर रहे हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक क्यूंकि इसमें अभी असंगठित क्षेत्र के आंकड़े नहीं जोड़े गए हैं और जब पूरी रिपोर्ट आएगी तो जीडीपी का आंकड़ा और नीचे जा सकता है.

ताज़ा वीडियो