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कोविड-19 टीके की ख़ुराकों को मिलाना सुरक्षित, लेकिन बढ़ सकता है दुष्प्रभाव : ब्रिटिश अध्ययन

by GoNews Desk 8 months ago Views 1985

What Happens When You Mix 2 Vaccine Shots? A Study
जैसे जैसे कोरोना महामारी अपने पैर पसार रही है वैसे वैसे लोगों में डर फैलता जा रहा है। और अब इस डर को भगाने के लिए वैज्ञानिकों ने टीकाकरण ही सिर्फ़ एक मात्र समाधान बताया है। पर सवाल खड़ा हो रहा है कि कई देशों में वैक्सीन की क़िल्लत हो रही है और अब लोग पहली और दूसरी डोज़ में वैक्सीन को उपलब्धता के हिसाब से बदलने का भी सोच रहे हैं और अब इसी विषय को लेकर एक अध्ययन सामने आया है।

कोरोना वायरस से प्रतिरक्षण के लिए तैयार दो तरह के टीकों की खुराक को मिलाना सुरक्षित है लेकिन इससे हल्के से मध्यम स्तर के लक्षण उभरने की आशंका बढ़ जाती है। यह दावा ब्रिटेन में हुए एक अध्ययन में किया गया है। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के नेतृत्व में वैज्ञानिकों की टीम ने कॉम-कोव नाम से अध्ययन यह जानने के लिए किया कि फाइजर/बायोनटेक का टीका लगाने के बाद ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका की दूसरी खुराक (इसी प्रकार एस्ट्राजेनेका के बाद फाइजर का टीका लगाने पर) पर प्रतिरक्षण प्रणाली कैसे प्रक्रिया करती है। मेडिकल जर्नल ‘लांसेट' में प्रकाशित रिपार्ट के मुताबिक अनुसंधान टीम ने कहा कि दो तरह के टीकों को मिलाने से अल्पकालिक लक्षण आते हैं लेकिन सुरक्षा संबंधी चिंता की कोई बात नहीं है।


ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में बाल रोग एवं टीककारण विशेषज्ञ व एसोसिएट प्रोफेसर मैथ्यु स्नेप ने कहा, ‘‘अध्ययन के नतीजों से संकेत मिलता है कि टीके की खुराक मिलाने से टीकाकरण के बाद काम से अनुपस्थित रहने के दिनों में वृद्धि हो सकती है और स्वास्थ्य कर्मियों के टीकाकरण की योजना बनाते वक्त इस तथ्य पर विचार करना अहम है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह अहम है कि इससे सुरक्षा संबंधी चिंता सामने नहीं आई है या संकेत नहीं मिले हैं। यह हमें नहीं बताता कि क्या प्रतिरक्षण प्रभावित होता है या नहीं। हम उम्मीद करते हैं कि संबंधित आंकड़े आने वाले महीनों में आएंगे।’’

अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि टीकों की खुराक मिलाने से हल्के लक्षण जैसे ठंड लगना, थकान, सिरदर्द और बुखार हो सकता है लेकिन यह थोड़े समय के लिए होगा। उन्होंने बताया कि यह अध्ययन 50 या इससे अधिक उम्र के लोगों पर किया गया और युवाओं में ऐसे लक्षण अधिक हो सकते हैं। अध्ययन कर्ताओं ने बताया कि अनुसंधान में शामिल 800 प्रतिभागी शामिल थे। साथ ही उन्होंने बताया कि चार सप्ताह के अंतर पर एस्ट्राजेनेका की ही दोनों खुराक (इसी प्रकार फाइजर की दोनों खुराक) देने पर 10 में से केवल एक ने बुखार की शिकायत की। वहीं एक खुराक एस्ट्राजेनेका और दूसरी खुराक फाइजर की देने पर 34 प्रतिशत लोगों ने बुखार की शिकायत की।

अब पिछले महीने इस अध्ययन का और विस्तार किया गया और 1050 प्रतिभागियों पर मॉडर्ना और नोवावैक्स कोविड टीके के असर को लेकर अध्ययन किया जा रहा है। देखने वाली बात होगी कि उसका नतीजा क्या होता है।

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