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आख़िर CBI की रडार पर क्यों है ममता का परिवार ?

by M. Nuruddin 2 months ago Views 1444

कोल माफिया एक्टिव हैं और बड़े स्तर पर कोयले की चोरी और अवैध खनन कर रहे हैं...

Mamta's family on CBI target in coal scam case, kn
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में कोयला घोटाले को लेकर सियासत गर्म है। इस मामले में सीएम ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी से आज सीबीआई पूछताछ करेगी। सीबीआई ने अभिषेक बनर्जी और उनकी साली मेनका गंभीर को भी नोटिस भेजा था। आख़िर ये कोयला घोटाला है क्या जिसकी वजह से ममता का परिवार सीबीआई के निशाने पर आ गया ?

दरअसल यह मामला पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के अवैध खनन से जुड़ा है। पिछले साल नवंबर महीने में ही सीबीआई की कोलकाता एंटी करप्शन ब्रांच ने ईसीएल के लीजहोल्ड इलाक़े में कोयला के अवैध खनन के संबंध में भ्रष्टाचार और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज किया था। ईसीएल सरकारी कंपनी कोल इंडिया की ही एक सहायक कंपनी है जो पश्चिम बंगाल समेत झारखंड में कोयला खनन का काम करती है। 


अवैध खनन का यह मामला तब सामने आया जब सतर्कता विभाग और ईसीएल की एक टीम इन इलाकों में जांच के लिए पहुंची। ईसीएल की टीम ने पाया कि यहां अवैध रूप से कोयले की खुदाई और उसकी ढुलाई हो रही है। टीम ने पाया था कि खनन में कई मशीनें लगी हुई है और ढुलाई के लिए भी ट्रकों की लंबी लाइन लगी है। इस जांच के दौरान ईसीएल की टीम ने करोड़ों रूपये के कोयले की ज़ब्ती भी की थी। 

मामले का खुलासा होने के बाद अवैध खनन में खुद ईसीएल के कई अधिकारी और कर्मचारी भी लपेटे में आ गए। सीबीआई ने ईसीएल के कई अधिकारियों और कर्मचारियों समेत रेलवे और सीआईएसएफ के अधिकारियों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया था। सीबीआई ने आरोप लगाया कि इन विभागों के अधिकारियों की मिलीभगत से ही बड़े स्तर पर चोरी और अवैध खनन का काम चल रहा था।

घोटाले में ममता के परिवार का कनेक्शन

घोटाला मामले में नवंबर महीने में केस दर्ज करने के साथ ही सीबीआई ने कई जगहों पर छापेमारी की। इसी दौरान सीबीआई विनय मिश्रा नाम के शख़्स के ठिकानों पर छापेमारी की। माना जाता है कि विनय मिश्रा सीएम ममता के सांसद भतीजे अभिषेक के करीबी हैं। सीबीआई का कहना है कि विनय मिश्रा को कई बार समन भेजा गया लेकिन वो एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए। इसके बाद विनय मिश्रा के ख़िलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है और उनकी तलाश चल रही है।

सीबीआई इस मामले की जांच में जुटी है और पश्चिम बंगाल में 20 फरवरी को भी एजेंसी ने 13 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान पुरुलिया, बांकुरा, पशिम बर्धमान और कोलकाता में सीबीआई की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। इसके बाद ही टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजीरा को नोटिस भेजा गया। रिपोर्ट के मुताबिक़ सीबीआई ने इस अवैध खनन मामले में जब मामला दर्ज किया था तब अभिषेक की पत्नी का नाम केस में दर्ज नहीं किया गया था। साथ ही सीबीआई ने उनकी बहन मेनका को भी समन भेजा है और एजेंसी के सामने पेश होने को कहा है।

कहा जा रहा है कि इस अवैध खनन मामले की जांच के बीच सीबीआई रुजीरा बनर्जी की कंपनी लैप्स एंड बॉन्ड्स मैनेजमेंट सर्विस एलएलपी पर भी नज़र बनाए हुई है। रुजीरा की यह कंपनी शक के घेरे में है। सीबीआई को इस कंपनी के बैंकिंग लेनदेन पर संदेह है। अभिषेक बनर्जी के पास दो बड़ी कंपनियां हैं जिनको उनकी पत्नी, साली और उनके पिता मैनेज करते हैं।

अभिषेक बनर्जी के करीबियों के घर और दफ्तर में छापेमारी से तृणमूल कांग्रेस के नेता आगबबूला हैं। नेताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी बंगाल चुनाव में दबाव बनाने के लिए सीबीआई का सहारा ले रही है। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि भाजपा के साथ कोई सहयोगी नहीं है। सीबीआई और ईडी ही उनके सहयोगी हैं। अपने इन्हीं सहयोगियों की मदद से वे अन्य पार्टियों को धमकाते हैं और तृणमूल पर दबाव बनाते हैं। हमारे नेताओं को जो भी नोटिस दिया गया है, उसका कानूनी तरीके से मुकाबला करेंगे।

कोर्ट में मामला

इस मामले में एक आरोपी अनुप माझी सीबीआई की इस जांच के ख़िलाफ़ कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचे थे लेकिन कोर्ट ने इस मामले सीबीआई के जांच को सही माना था। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है जहां कोर्ट ने फिलहाल कोई राहत नहीं दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को नोटिस जारी कर दोनों पक्षों को कोर्ट में पेश होने को कहा है।

पश्चिम बंगाल के आसनसोल से लेकर पुरुलिया और बांकुड़ा तक और झारखंड में धनबाद से लेकर रामगढ़ तक कोल पट्टी में कई ऐसी खदानें हैं जहां खनन का काम बंद है। ऐसे में कोल माफिया एक्टिव हैं और बड़े स्तर पर कोयले की चोरी और अवैध खनन कर रहे हैं। 

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