भारतीय सेना के सम्मान में 60 देशों में बना है वॉर मेमोरियल !

by M. Nuruddin 3 months ago Views 2341

War Memorial is built in 60 countries in memory of
इंडिया गेट के अमर जवान ज्योंति को नए वॉर मेमोरियल में ‘मर्ज’ करने के सरकार के फैसले का देश में विरोध हो रहा है। कहा जा रहा है कि मर्ज करने का सरकार का फैसला अनुचित और निंदनीय है। सोशल मीडिया यूज़र इन्हें शहीदों का अपमान बता रहे हैं।

केन्द्र सरकार के सूत्रों के हवाले से एक न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि, “इंडिया गेट पर दर्ज नाम सिर्फ कुछ शहीदों के हैं जिन्होंने प्रथम विश्व युद्ध और एंग्लो-अफग़ान युद्ध में अंग्रेजों के लिए लड़ाई लड़ी थी और इस प्रकार यह हमारे औपनिवेशिक अतीत का प्रतीक है।”


इंडिया गेट ब्रिटिश सरकार द्वारा 1914 और 1921 के बीच प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए ब्रिटिश भारतीय सेना के सैनिकों की याद में बनाया गया था। हालांकि अमर जवान ज्योति को 1971 के पाकिस्तान के साथ युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों की याद में साल 1972 में इंदिरा गांधी सरकार द्वारा स्थापित किया गया था।

इंडिया गेट पर फ्रांस, मेसोपोटामिया और परसिया, पूर्वी अफ्रीका, गैलीपोली और उत्तर-पश्चिमी सीमा और तीसरे अफ़ग़ान युद्ध सहित अन्य हिस्सों में मारे गए ब्रिटिश भारतीय सैनिकों और कुछ ब्रिटिश सैनिकों के नाम दर्ज हैं। इंडिया गेट पर 13,313 सैनिकों के नाम अंकित हैं जिनमें 12,357 भारतीय जवानों के नाम शामिल हैं।

31 अगस्त 1921 या 3 सितंबर 1939 - 31 दिसंबर 1947 वो दौर था जिसे ‘वॉर डेड’ कहा जाता है। प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुए युद्धों में भारतीय जवानों ने ब्रिटिश सेना की बड़ी मदद की। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान 1,400,000 से ज़्यादा भारतीय जवानों ने ब्रिटिश सेना के साथ लड़ाई लड़ी।

जबकि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1939 में ब्रिटिश सेना में भारतीय जवानों की संख्या 1,95,000 से बढ़कर युद्ध ख़त्म होने तक 2.5 मिलियन यानि 25 लाख हो गई जो मानव इतिहास में सेना की सबसे बड़ी संख्या थी। अविभाजित भारत में ब्रिटिश सेना के लिए लड़ते हुए 160,000 सैनिक युद्धों में मारे गए जो 60 से ज़्यादा देशों में दफ़्न हैं।

एक रिसर्च सेंटर युनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़ 77 हज़ार से ज़्यादा भारतीय जवानों ने पहले विश्व युद्ध में अपनी जान गंवाई, जिनमें 42 हज़ार से ज़्यादा जवान इराक़ में मारे गए थे और इनमें 7,500 सैनिकों की पहचान नहीं हो सकी। दुनियाभर में युद्धों में मारे गए सैनिकों की याद में वॉर मेमोरियल बनाई गई है जिनमें 60 देशों में स्थित वॉर मेमोरियल पर भारतीय जवानों के नाम दर्ज हैं।

म्यांमार के रंगून मेमोरियल पर 26,857 सैनिकों के नाम दर्ज हैं जिनमें 19,644 भारतीय सैनिकों के नाम हैं। इनके अलावा फ्रांस के Neuve-Chapelle Memorial पर 4,742 और ईरान स्थित तेहरान मेमोरियल पर 3,588 सैनिकों ने नाम अंकित हैं। जबकि मुंबई में स्थित दो वॉर मेमोरियल पर 8,500 सैनिकों के नाम दर्ज हैं।

इनके अलावा इंडोनेशिया, इज़रायल, इटली, जापान, केन्या, लेबनान, माल्ता और रोमानिया सहित कई पश्चिमी और यूरोपीय देश हैं जहां स्थित वॉर मेमोरियल पर भारतीय सैनिकों के नाम अंकित हैं। भारत के अन्य हिस्सों में भी सैकड़ों भारतीय सैनिकों की याद में वॉर मेमोरियल स्थापित की गई है।

हाल ही में अमर जवान ज्योति को जिस मेमोरियल के साथ ‘मर्ज’ किया गया है वो नेशनल वॉर मेमोरियल है जो नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा स्थापित किया गया है और इसका उद्घटन प्रधानमंत्री मोदी ने 25 फरवरी 2019 को किया था।

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