'वॉल स्ट्रीट जर्नल' का दावा- 'फेसबुक की नज़र में बजरंग दल साइट के लिए सुरक्षित, कार्रवाई से कंपनी के लिए ख़तरा'

by Siddharth Chaturvedi 10 months ago Views 1549

अख़बार ने लिखा है कि सत्तारुढ़ बीजेपी के साथ संबंधों की वजह से फेसबुक दक्षिणपंथी समूंह के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने से डरता है।

Wall Street Journal claims - 'Facebook sees Bajran
फेसबुक की सुरक्षा टीम का हिन्दुवादी संगठन बजरंग दल पर अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसक बयान और हिंसा का समर्थन करने के बावजूद प्रतिबंध लगाने का कोई इरादा नहीं है। फेसबुक ने संगठन को अपनी साइट के लिए सुरक्षित माना है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने रविवार को एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसमें यह दावा किया गया है।

अख़बार ने लिखा है कि सत्तारुढ़ बीजेपी के साथ संबंधों की वजह से फेसबुक दक्षिणपंथी समूंह के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने से डरता है। अख़बार का कहना है कि फेसबुक इसलिए प्रतिबंधन नहीं लगा रहा है क्योंकि बजरंग दल पर नकेल कसने से भारत में कंपनी के लिए ख़तरा पैदा हो सकता है। साथ ही अख़बार ने ‘फेसबुक और बीजेपी के गठजोड़’ को लेकर अपनी पहले प्रकाशित रिपोर्ट का भी हवाला दिया है।


इसी साल अगस्त में वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दावा किया था कि बीजेपी नेताओं के लिए फेसबुक अपनी नीतियों में ढिलाई करता है। रिपोर्ट में सत्तारुढ़ बीजेपी को फेसबुक के व्यापारिक हितों के पक्ष में बताया गया था। इसमें कहा गया था कि फेसबुक की एग़्ज़क्यूटिव रहीं अंखी दास ने मुस्लिम विरोधी कमेंट करने वाले भाजपा नेता टी. राजा सिंह का पक्ष लिया और उनकी पैरवी की।

हालांकि फेसबुक ने रिपोर्ट के प्रकाशित होने के बाद बीजेपी नेता पर कार्रवाई की थी और उन्हें साइट से बैन कर दिया गया था। इसके बाद अंखी दास ने एग़्ज़क्यूटिव पद से ख़ुद इस्तीफ़ा दे दिया था। तब फेसबुक ने अपना बचाव भी किया था और यह भी स्वीकार किया था कि हेट स्पीच पर अंकुश लगाने के लिए और बेहतर काम करने की ज़रूरत है।

द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी नई रिपोर्ट में बजरंग दल के एक वीडियो का हवाला दिया है। इसमें संगठन एक चर्च पर हमले की ज़िम्मेदारी लेने का दावा कर रहा है जिसको फेसबुक पर 2.5 लाख बार देखा गया था। अख़बार ने फेसबुक की एक इंटरनल रिपोर्ट का हवाला दिया है जिसमें, ‘सत्तारुढ़ हिंदू राष्ट्रवादी नेताओं औैर बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने से फेसबुक के कर्मचारियों पर हमले और कंपनी के लिए ख़तरा पैदा होने की बात कही गई है।

इसमें कहा गया है कि फेसबुक के कर्मचारियों के एक समूंह ने एक इंटरनल लेटर फेसबुक डिस्कशन ग्रुप में पोस्ट किया। इसमें कहा गया है कि इस प्लेटफॉर्म पर अन्य संगठनों के बीच बजरंग दल की मौजूदगी भारत में हेट स्पीच से निपटने के लिए कंपनी की साख़ पर संदेह पैदा करता है।

रिपोर्ट को लेकर फेसबुक के प्रवक्ता एंडी स्टोन का कहना है कि फेसबुक की दुनियाभर में एक ही नाति लागू है। इसमें राजनीतिक और किसी पार्टी का कोई हस्तक्षेप नहीं होता और कंपनी की नीति सबके लिए समान है।

बता दें कि इसी साल अक्टूबर महीने में फेसबुक ने भारत में अरबों डॉलर का निवेश किया है। कंपनी के भारत में कई दफ्तर हैं और कंपनी भारत को यूज़र्स के मामले में अपना सबसे बड़ा बाज़ार मानती है। कंपनी के पास भारत में तीस करोड़ से ज़्यादा यूज़र्स हैं।

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