अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव के लिए वोटिंग आज, ट्रंप और बिडेन में कड़ी टक्कर

by Siddharth Chaturvedi 11 months ago Views 2004

Voting for US presidential election today, Trump a
अमेरिका में आज यानी 3 नवंबर को राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए मतदान होना है. पूरी दुनिया की निगाह इस ओर टिकी है कि अमेरिका का अगला राष्ट्रपति कौन बनेगा. राष्ट्रपति ट्रंप अपनी गद्दी बरक़रार रखेंगे या फिर डेमोक्रेट जो बिडेन उनका खेल पलट देंगे। अभी तक मिले रुझानों के मुताबिक बिडेन बढ़त बनाये हुए हैं, लेकिन नतीजों के बारे में कुछ कहना जल्दबाज़ी होगी. पिछली बार की तरह इस बार भी ट्रंप तमाम सर्वेक्षणों में पीछे हैं लेकिन वो एक बार फिर बाज़ी पलटने का दावा कर रहे हैं.

दुनिया का सबसे ताक़तवर इंसान कहा जाने वाला, अमेरिका के राष्ट्रपति पद तक पहुँचना आसान नहीं है. एक लंबी और उलझाऊ प्रक्रिया के बाद ही ये मुमकिन होता है. अमेरिका में 24 करोड़ मतदाता हैं. अभी तक अमेरिका में नौ करोड़ से अधिक वोट डाले जा चुके हैं. ऐसे में 40 फीसदी के करीब मतदान हो चुका है.


वहीं, 2016 में अर्ली वोटिंग के तहत 5 करोड़ से अधिक लोगों ने वोट डाले थे. यहां वोटिंग के लिए दो विकल्प हैं, एक तो मेल या फिर अर्ली वोटिंग दूसरा मतदान केंद्र पर जाकर वोट डालना.

अमेरिका की चुनाव प्रक्रिया भारत से अलग है. यहां राष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होता है. अमेरिकी नागरिक उन लोगों को चुनते हैं जो राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं. अमेरिका में कुल 50  राज्य हैं, 50 राज्यों से कुल 538 इलेक्टर्स चुने जाते हैं. इसे इलेक्टोरल कॉलेज कहते हैं. इलेक्टोरल कॉलेज में दो हाउस हैं. एक सीनेट और दूसरा हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव. हर राज्य में इलेक्टर्स की संख्या अलग-अलग है. जिस राज्य की आबादी जितनी अधिक होती है वहां उतने अधिक इलेक्टर्स होते हैं. राष्ट्रपति बनने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 270 मतों की जरूरत होती है.

पिछले राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों की बात करें तो डोनाल्ड ट्रंप को 538 में से 306 इलेक्टोरल वोट मिले थे जबकि हिलेरी क्लिंटन को 232 वोट मिले थे.  हालांकि कुल वोटों की बात करें तो हिलेरी को 48.2 फीसदी वोट हासिल हुए थे जबकि ट्रंप को 46.1 प्रतिशत वोट मिले थे. इस तरह पापुलर वोट ज़्यादा पाकर भी हिलेरी क्लिंटन ट्रंप से मात खा गयी थीं.

इस बार के अमेरिकी राष्ट्रपति  चुनाव में भारतीय भी एक अहम भूमिका निभाने वाले हैं . 16 राज्यों में इनकी संख्या कुल अमेरिकी आबादी के एक प्रतिशत से ज्यादा है. लेकिन खास बात ये है कि 13 लाख भारतीय उन 8 राज्यों में रहते हैं जहां कांटे का मुकाबला है. ऐसे में किसी भी पार्टी के लिए एक-एक वोट कीमती हो जाता है. भारतीय मतदाताओं में इस बार ट्रंप को लेकर बड़ा विभाजन देखने को मिल रहा है, हालाँकि प्रधानमंत्री मोदी के वे ख़ास दोस्त हैं।

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