केरल और तमिलनाडु के मतदाता बीजेपी के 'हिंदुत्व' के एजेंडे के ख़िलाफ़: सर्वे

by M. Nuruddin 1 year ago Views 2904

Voters of Kerala and Tamil Nadu against BJP's 'Hin
राज्यों के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ज़ोर-शोर से प्रचार-प्रसार में लगी है। भाजपा की रैलियों में कहीं कुर्सी खाली तो कहीं खुद के कार्यकर्ताओं में ही आक्रोश है। इस बीच तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी को लेकर दिल्ली स्थित अंतराष्ट्रीय पोलिंग एजेंसी सी-वोटर ने एक डेटा जारी किया है। जिसमें बताया गया है कि तमिलनाडु और केरल की जनता बीजेपी के ‘हिंदुत्व’ के एजेंडे के ख़िलाफ़ है।

सी-वोटर के आंकड़ों के मुताबिक़ तमिलनाडु के 45.5 फीसदी मतदाता बीजेपी के ‘जय श्री राम’ के नारे को पसंद नहीं करते। जबकि 31.7 फीसदी मतदाता इसके समर्थन में हैं। इसी तरह केरल में भी करीब 53 फीसदी मतदाता बीजेपी के ‘हिंदुत्व’ के एजेंडे के ख़िलाफ है। जबकि राज्य के 25.3 फीसदी मतदाता मानते हैं कि बीजेपी को केरल में ‘हिंदुत्व पॉलिटिक्स’ से फायदा हो सकता है।


केरल

सर्वे के मुताबिक़ राज्य में एक बार फिर लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट की सरकार बनते दिखाया गया है। लेकिन पिछले चुनाव के मुक़ाबले गठबंधन दल को 14 सीटों का नुकसान हो सकता है। पिछले विधानसभा चुनाव में पिनरई विजयन के नेतृत्व वाली गठबंधन एलडीएफ को 91 सीटें मिली थी जबकि इस बार एलडीएफ के 77 सीटों पर सिमटने का अनुमान है। राज्य के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की अगुवाई वाली युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को 15 सीटों का फायदा हो सकता है। जबकि बीजेपी राज्य में एक बार फिर निचले दर्जे की पार्टी ही बनी रह सकती है। राज्य के करीब 40 फीसदी मतदाता पिनरई विजयन को ही मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं।

तमिलनाडु

बात अगर तमिलनाडु की करें तो राज्य में यूपीए गठबंधन को 79 सीटों का फायदा हो सकता है। यानि सर्वे में डीएमके, कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनते दिखाया गया है। जबकि एनडीए गठबंध को चुनाव में बड़ा नुकसान हो सकता है। सी-वोटर के आंकड़े बताते हैं कि एआईएडीएमके और बीजेपी गठबंधन 87 सीटों के नुकसान के साथ 49 सीटों पर सिमट सकती है। गठबंधन दल को पिछले विधानसभा चुनाव में 136 सीटें मिली थी। सर्वे के मुताबिक़ राज्य के 43 फीसदी से ज़्यादा मतदाता डीएमके के एमके स्टालिन को अगले मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं। 

पुडुचेरी

सी-वोटर के सर्वे के मुताबिक़ पुडुचेरी में एनडीए इस बार सरकार बनाने में कामयाब हो सकती है। प्रदेश में यूपीए गठबंधन 8 सीटों के नुकसान के साथ 9 सीटों पर सिमट सकती है। यूपीए गठबंधन को पिछले विधानसभा चुनाव में 17 सीटें मिली थी। हालांकि सात के विधायकों के इस्तीफे के बाद इसी साल फरवरी महीने में नारायणसामी की सरकार गिर गई। अब इस बार के विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन को 21 सीटें मिलने का अनुमान है। 

पोलिंग एजेंसी सी-वोटर के मुताबिक़ पुडुचेरी में 1,265, तमिलनाडु में 8,709 और केरल में 12,077  लोगों के साथ सर्वे किया गया है। हालांकि यह महज़ एक ओपिनियन पोल है। बाद में इन आंकड़ों में तब्दीली आ सकती है।

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