ads

'वोट की चोट': 12 मार्च को पश्चिम बंगाल में किसानों की रैली, बीजेपी का करेंगे विरोध

by GoNews Desk 2 months ago Views 1461

इसकी शुरुआत 12 मार्च को पश्चिम बंगाल में किसानों की बड़ी पब्लिक मीटिंग से होगी...

Vote ki Chot: Farmers rally in West Bengal on Marc
संयुक्त किसान मोर्चा ने चुनावी राज्यों में बीजेपी के विरोध का ऐलान किया है। मोर्चा के नेताओं ने कहा कि राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट न देने की अपील की जाएगी। इस दौरान किसानों के प्रति मोदी सरकार के रवैये के बारे में लोगों को बताया जाएगा। इसके साथ ही किसानों ने 6 मार्च को सुबह 11 बजे से 4 बजे तक केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेस-वे को जाम करने का भी ऐलान किया है।

भारतीय किसान यूनियन के नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल और केरल में चुनावों के लिए एक दल भेजा जाएगा। किसान किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं करेंगे लेकिन लोगों से अपील करेंगे कि वे उन उम्मीदवारों को वोट दें जो भाजपा को हरा सकते हैं। आंदोलन को 100 दिन पूरे होने वाले हैं यह पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा है। दुनिया में भी इस आंदोलन के चर्चे हैं लेकिन मोदी सरकार झूठा प्रचार कर रही है।


किसान नेता राजेवाल ने कहा सरकार की तरफ से किसान आंदोलन को समाप्त करने की कोशिश की गई थी। केंद्र सरकार में हरियाणा के जो 3 केंद्रीय मंत्री हैं, उन 3 केंद्रीय मंत्रियों का उनके गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी जाएगी। हालांकि उन्होंने तीनों मंत्रियों के नाम नहीं बताए हैं। 

प्रेस कांफ्रेंस में किसान नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाएगा। इस आंदोलन ने महिला की महत्ता को सबसे आगे रखा है। जहां-जहां आंदोलन चल रहे हैं वहां महिलाओं को आगे किया जाएगा। इनके अलावा 5 मार्च को कर्नाटक की मंडियों में ‘एमएसपी दिलाओ’ कार्यक्रम का आयोजन होगा और ऐसा अलग-अलग जगहों पर भी किया जाएगा। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी से एमएसपी सुनिश्चित करने की मांग होगी।

योगेंद्र यादव ने कहा, ‘जो सत्ता में बैठे हैं ये न को संविधान की भाषा समझते हैं, न इंसाफ की भाषा समझते हैं, न ये अच्छे-बुरे की भाषा समझते हैं। बस ये कुर्सी की भाषा समझते हैं। वोट, चुनाव, कुर्सी बस यही भाषा ये समझते हैं।’ ऐसे में किसानों ने सत्ता में बैठे लोगों को वोट की चोट देने की योजना बनाई है। इसकी शुरुआत 12 मार्च को पश्चिम बंगाल में किसानों की बड़ी पब्लिक मीटिंग से होगी।

उन्होंने कहा कि 10 ट्रेड संगठनों के साथ मीटिंग हुई है। सरकार सार्वजनिक क्षेत्रों का जो निजीकरण कर रही है उसके विरोध में 15 मार्च को पूरे देश के मज़दूर और कर्मचारी सड़क पर उतरेंगे और रेलवे स्टेशनों के बाहर जाकर धरना प्रदर्शन करेंगे। योगेंद्र यादव ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में 15 मार्च तक के कार्यक्रमों को अंतिम रूप दे दिया गया है।

ताज़ा वीडियो