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कई राज्यों में वैक्सीन की किल्लत, केन्द्र ने शॉर्टेज से किया इनकार

by GoNews Desk 1 month ago Views 2071

Vaccine Shortage In Many States, Center Denied
कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के बीच देश के कम से कम छ: राज्यों ने वैक्सीन शॉर्टेज की शिकायत की है। महाराष्ट्र के तीन ज़िले सतारा, सांगली और पनवेल में वैक्सीन की कमी से वैक्सीनेशन सेंटर बंद कर दिए गए हैं। देश में वैक्सीनेशन अभियान तीसरे चरण में है और इस चरण में सिर्फ 45 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों को वैक्सीन दी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़ देशभर में अबतक 9 करोड़ से ज़्यादा लोगों को वैक्सीन के खुराक दिए जा चुके हैं। इनमें से ज़्यादतर लोगों को वैक्सीन की एक ही खुराक दी गई है।

आंध्र प्रदेश में वैक्सीन का स्टॉक गुरुवार तक ख़त्म हो जाएगा। राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय के आयुक्त कटामनेनी भास्कर ने बताया कि राज्य में सिर्फ 3.5 लाख वैक्सीन ही स्टॉक में बची है। राज्य के नेल्लोर ज़िले में मंगलवार को वैक्सीन के स्टॉक ख़त्म हो गए थे। उन्होंने बताया कि राज्य में टीकों की आपूर्ति की कमी है। सरकार से अतिरिक्त टीके देने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार 15 अप्रैल के बाद ही कोरोना वैक्सीन का नया बैच भेजेगी। ऐसे में मज़बूरन राज्य में टीकाकरण रोकना होगा।


तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री इटाला राजेंद्र ने कहा कि राज्य में अगले दो-तीन दिनों के लिए ही कोरोना वैक्सीन का स्टॉक बचा है। उन्होंने कहा कि राज्य में हर रोज़ एक लाख लोगों के वैक्सीनेट करने की क्षमता है लेकिन वैक्सीन की कमी होने के से सिर्फ 60 से 70 हज़ार लोगों को ही टीके की खुराक दी जा रही है। उधर छत्तीसगढ़ में वैक्सीन की भारी किल्लत है। ऐसे में सोमवार को सिर्फ 20-30 हज़ार लोगों को ही वैक्सीन के डोज़ दिए जा सके। जबकि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह का कहना है कि हर रोज़ तीन लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही थी। उन्होंने बताया कि अब छत्तीसगढ़ को 325,000 वैक्सीन की दी गई है।

इनके अलावा ओडिशा और हरियाणा की सरकार ने भी केन्द्र को वैक्सीन शॉर्टेज की बात से अवगत करा चुकी है। महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की सरकार ने भी केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से इस बारे में एक एसओएस जारी कर वैक्सीन आपूर्ति की मांग की थी। हालांकि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने वैक्सीन शॉर्टेज की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य में वैक्सीन की कमी नहीं है और केन्द्र सरकार भी टीके की कमी नहीं होने देगी। 

ग़ौरतलब है कि वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने भी एक अहम बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि कंपनी पर वैक्सीन निर्माण की क्षमता पर बोझ पड़ रहा है और वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए कंपनी को तीन हज़ार करोड़ रूपये की ज़रूरत है। ऐसे में साफ है कि देश में वैक्सीनेशन प्रक्रिया धीमी पड़ गई है।

दि लेंसेट की अहम रिपोर्ट

ब्रिटिश जर्नल दि लेंसेट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका में किए गए तीसरे फेज के ट्रायल में ये पुष्टि हुई है कि ऑक्सफॉर्ड की बनाई कोविड वैक्सीन एस्ट्रजेनेका गंभीर बिमारियों और मौत से 100 फीसदी तक सुरक्षा प्रदान करती है। ये वैक्सीन कोरोना के खिलाफ असरदार है और टीके की खुराक लेने के 22 दिनों बाद तक भी गंभीर मामले जैसे अस्पताल में भर्ती होना या फिर मौत के मामले सामने नहीं आए हैं।

ब्रिटेन में किए गए विश्लेषण में ये भी सामने आया है कि एस्ट्राजेनेका वायरस के गैर-लक्षणिक ट्रांस्मिशन को रोकने में भी कारगर है। टीके की पहली खुराक लेने पर संक्रमण के ट्रांस्मिशन की संभावना 67 फीसदी तक कम हो गई थी जबकि दूसरी खुराक के बाद ये कम हो कर 50 प्रतिशत तक कम हो गई।

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