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भारत में 5-6 दिनों की वैक्सीन शेषः सरकारी आंकड़े

by GoNews Desk 1 month ago Views 1544

covid vaccine

कोरोना की दूसरी लहर की मार झेल रहे भारत में संक्रमण के खिलाफ टीकाकरण उम्मीद की किरण की तरह है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना वैक्सीन की किल्लत सामने आ रही है. पहले ही महाराष्ट्र, दिल्ली जैसे कई राज्य वैक्सीन की कमी होंने की बात कह चुके हैं वहीं अब सरकारी आंकड़ों में भी ये बात सामने आ गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के जारी आंकड़े बताते हैं कि भारत में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को देने के लिए सिर्फ 90 लाख कोविड वैक्सीन ही शेष हैं. इसके अलावा राज्यों को 10 लाख और खुराक अतिरिक्त दी जाएगी. यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि भारत में रोज़ कम के कम 20 लाख खुराक देने का लक्ष्य बनाया गया है. ऐसे में देश के पास नागरिकों को लगाने के लिए सिर्फ 5 दिन की वैक्सीन और बची है.

भारत में महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित राज्य हैं. महारष्ट्र में करीब 6.5 लाख एक्टिव मरीज़ हैं. केरल में ये संख्या 3,56,868, कर्नाटक में 4,64,363, उत्तर प्रदेश में 2,72,568 और तमिलनाडु में 1,25,230 है. इन देशों में तेज़ रफ्तार से टीकाकरण राहत भरा हो सकता है हालांकि कोरोना वैक्सीन की कमी वैक्सिनेशन में बाधा पैदा कर रही है. एक तरफ देश में मौजूद टीकों का स्टॉक खत्म होंने की कगार पर है वहीं भारत के लिए वैक्सीन बनाने वाले सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक की तरफ से वैक्सीन का फ्रेश स्टॉक डिलीवर नहीं हुआ है.

सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शेष बची कोरोना रोधी टीकों की खुराक की बात करें तो महाराष्ट्र में 9.98 लाख खुराक शेष बची हैं. इसके अलावा कर्नाटक में 5.07 लाख, उत्तर प्रदेश में 11.44 लाख और तमिलनाडु में 3.56 लाख जबकि केरल में सिर्फ 3.3 लाख कोरोना रोधी टीके की खुराक ही बची हैं. इस बीच केंद्र सरकार ने सोमवार को बताया था कि उसने कुल 166 मिलियन कोरोना टीकों की खुराक का ऑर्डर दिया है.

दरअसल बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रीपोर्ट में दावा किया गया था कि सरकार ने मार्च महींने के बाद वैक्सीन का कोई नया ऑर्डर नहीं दिया है जिसके बाद केंद्रिय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सरकार ने 110 मिलियन कोरोना टीकों के लिए कोविशील्ड बनाने वाले सीरम इंस्टीट्यूट को 1,699.50 करोड़ जबकि कोवैक्सीन निर्माता भारत बायोटेक को 50 मिलियन खुराकों के लिए 772.50 करोड़ का भुगतान किया है. ये राशि दोंनों कंपनियों को 29 अप्रैल को दी गई थी हालांकि मंत्रालय ने ये नहीं बताया कि सरकार ने वैक्सीन का ऑर्डर कब दिया है और किस तारीख से केंद्र को वैक्सीन प्राप्त होंगी. केंद्र की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 166 मिलियन खुराक मई, जून और जुलाई के महींने के लिए ऑर्डर की गई हैं.

देश में वैक्सीन की कमी होंने का कारण राज्यों द्वारा इसकी बर्बादी भी है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी 5 मई के आंकड़ें बतांते हैं कि संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में से एक तमिलनाडु में वैक्सीन सबसे अधिक बर्बाद की जा रही है. वहां कुल खुराकों का 8.83 फीसदी हिस्सा बेकार हुआ है. इसके अलावा असम, मणिपुर और हरियाणा उन बड़े राज्यों में से हैं जहां वैक्सीन लगाने को लेकर लापरवाही सामने आई है और नतीजतन बड़ी संख्या में खुराक बर्बाद हुई है. आकंड़ों के मुताबिक अब तक तीन लाख कोविड रोधी टीकों की बर्बादी हुई है. 

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