महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश नंबर-1 पर बरक़रार: NCRB Report

by M. Nuruddin 9 months ago Views 1415

रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध की दर 90 फीसदी है और चार्जशीट दायर करने की दर 55 फीसदी...

Uttar Pradesh continues to be number one in crime
नेश्नल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने अपनी नई रिपोर्ट क्राइम इन इंडिया- 2020 जारी कर दी है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि महामारी के दौरान अपराध में 28 फीसदी का इज़ाफा हुआ है लेकिन महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध घटे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2020 में महामारी के दौरान महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के 371,503 मामले दर्ज किए गए जो पिछले साल के मुक़ाबले 8.3 फीसदी कम है।

एनसीआरबी के नए आंकड़ों के मुताबिक़ आईपीसी के तहत महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के ज़्यादातर मामले ‘पति या उसके रिश्तेदार’ द्वारा ‘क्रूरता’ को लेकर दर्ज किए गए थे। इससे ज़ाहिर होता है कि महामारी के दौरान महिलाओं पर ज़्यादती बढ़ी है। इस दौरान महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के 30 फीसदी मामलों में ‘पति और उसके रिश्तेदार’ की भूमिका रही।


महिलाओं के साथ ज़्यादती या हमले को लेकर 23 फीसदी मामले दर्ज किए गए। रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2020 के दौरान महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के कुल मामलों में 16 फीसदी अपहरण के और 7.5 फीसदी बलात्कार के दर्ज किए गए हैं। साल 2019 की तुलना में महामारी के दौरान प्रति लाख 56.5 महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध हुए जो 2019 में 62.3 से कम है।

एनसीआरबी द्वारा जारी इस नई रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश शीर्ष राज्य रहा जहां साल 2020 के दौरान महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज किए गए। हालांकि पिछले साल की तुलना में इसमें गिरावट देखी गई है। मसलन जहां 2019 में उत्तर प्रदेश में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के 59,853 मामले दर्ज किए गए थे वो 2020 में गिरकर 49,385 पर आ गया है।

साल 2020 के दौरान महिला मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले पश्चिम बंगाल में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले बढ़े हैं। पश्चिम बंगाल ऐसा दूसरा राज्य है जहां महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज किए गए। साल 2019 में 29,859 मामलों की तुलना में 2020 में 36,439 मामले दर्ज किए गए हैं। राज्य में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध की दर 76.2 फीसदी रही जो रिपोर्ट के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश से कहीं ज़्यादा है।

जबकि मामले को लेकर उत्तर प्रदेश में चार्जशीट दायर करने की दर पश्चिम बंगाल से कम है। इसका मतलब है कि उत्तर प्रदेश की पुलिस चार्जशीट दायर करने में पीछे है जबकि पश्चिम बंगाल इस मामले में आगे है और राज्य में यह दर 88 फीसदी से ज़्यादा है।

इसके बाद कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान है जो महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामलों में तीसरे स्थान पर है। राज्य में साल 2020 के दौरान महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के 34,535 मामले दर्ज किए गए। हालांकि यह 2019 में 41,550 मामलों की तुलना में कम है। रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध की दर 90 फीसदी है और चार्जशीट दायर करने की दर 55 फीसदी।

ग़ौरतलब है कि साल 2020 में महामारी के दौरान 23 राज्य और चार केन्द्रशासित प्रदेश ऐसे रहे जहां महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले घटे हैं और छह राज्य और तीन केन्द्रशासित प्रदेश में अपराध के मामले बढ़े हैं।

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