डिजिटल पेमेंट के लिए यूपीआई का इस्तेमाल 346 फीसदी बढ़ा

by M. Nuruddin 1 year ago Views 2433

Digital India
एक विष्लेशन से पता चला है कि छोटे व्यवसाय डिजिटल भुगतान के लिए डिजिटल भुगतान के टूल्स को तेज़ी से अपना रहे हैं। रेज़रपे द्वारा किए गए इस विष्लेशन के मुताबिक़ एमएसएमई या माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइज़े के ग्राहकों में डिजिटल भुगतान को अपनाना सबसे उल्लेखनीय रहा है। 

रिपोर्ट के मुताबिक़ यूपीआई द्वारा किए जाने वाले भुगतान में 346 फीसदी की बढ़त देखी गई है। यानि डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेटबैंकिंग की तुलना में लोग अब यूपीआई का ज़्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। मसलन कार्ड द्वारा भुगतान जहां पिछले साल मार्च महीने में 42.3 फीसदी था वो इस साल मई तक घटकर 29.6 फीसदी पर आ गया है।


इसी तरह नेटबैंकिंग के इस्तेमाल में मार्च 2020 में 12 फीसदी के मुक़ाबले मई 2021 में गिरकर 10.1 फीसदी पर आ गया है। वॉलेट का इस्तेमाल भी 9.6 फीसदी से घटकर 6.7 फीसदी पर आ गया है। जबकि यूपीआई का इस्तेमाल मार्च 2020 में 33.4 फीसदी के मुक़ाबले मई 2021 में करीब 50 फीसदी पर पहुंच गया है।

रिपोर्ट में राज्यवार आंकड़े भी दिए गए हैं जिसमें बताया गया है कि डिजिटल भुगतान के मामले में कर्नाटक टॉप पर रहा जिसका कुल जिजिटल भुगतान में हिस्सेदारी 21 फीसदी रही। इसी तरह महाराष्ट्र का योगदान 16 फीसदी रहा। जबकि मेट्रो सिटी दिल्ली का डिजिटल भुगतान में योगदान 9 फीसदी रहा। 

अगर डिजिटल एडोप्शन रेट की बात करें तो सबसे ज्यादा उछाल लॉजिस्टिक्स में देखा गया है। मसलन इसमें 517 फीसदी की उछाल देखी गई है। इसी तरह ई-कॉमर्स में 381 फीसदी की बढ़त देखी गई है। शिक्षण संस्थानों ने भी महामारी में ऑनलाइन क्लास देना शुरु कर दिया है यानि शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल एडोप्शन रेट 311 फीसदी रही। 

एक अन्य ब्लूहोस्ट की एक रिपोर्ट से पता चला है कि महामारी में 28 फीसदी कैश के मुक़ाबले डिजिटल भुगतान 72 फीसदी पर पहुंच गया है। 

रिपोर्ट में MSMEs द्वारा डिजिटल टूल के बढ़ते इस्तेमाल को भी जोड़ा गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सर्वेक्षण के दौरान यह भी पता चला कि 80 फीसदी एमएसएमई के पास अपना एक डोमेन है, उनकी एक बिज़नेस वेबसाइट है जिसमें 19 फीसदी ने महामारी के बाद से इसकी शुरुआत की। 

सर्वे के दौरान पता चला कि छोटे व्यवसायों द्वारा वेबसाइट बनाने के पीछे प्रोफेशनलिज़्म, ब्रांडिंग और कंज़्युमर को आकर्षित करना एक वजह रही। बताया गया है कि इनमें 63 फीसदी एमएसएमई का मानना है कि वेबसाइट के माध्यम से ग्राहकों को एक प्रोफेशनल फ्रंट मुहैया कराया जा सकता है। इनके अलावा 62 फीसदी अपनी ब्रांडिंग के लिए वेबसाइट का इस्तेमाल करते हैं जबकि 55 फीसदी मानते हैं कि इससे ग्राहकों को आसानी से आकर्षित किया जा सकता है। 

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