UP Final Results: भारतीय जनता पार्टी की वापसी, सपा को अच्छी बढ़त !

by GoNews Desk 5 months ago Views 8459

UP Final Results: BJP's return, SP has a good lead
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीज़े राजनीतिक पंडितों के लिए चौंका देने वाला साबित हुआ। उत्तर प्रदेश की चुनावी रैलियों से यह समझा जा रहा था कि यह चुनाव बीजेपी के लिए मुश्किल हो सकता है। लेकिन, जैसा कि एग़्ज़िट पोल में अनुमान था, उसी हिसाब के नतीजे देखने को मिले। 

मसलन 12 एग़्ज़िट पोल में बीजेपी के फिर से सरकार बनाने की वक़ालत की गई थी, जबकि समाजवादी पार्टी के पक्ष में एक भी एग़्ज़िट पोल नहीं थे। यानि समाजवादी पार्टी के जीतने की संभावना शून्य फीसदी थी।


माना जा रहा था कि यूपी चुनाव में विपक्षी दलों की बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य पर चुनाव की रणनीति रंग लाएगी लेकिन मानो नतीजे ने सभी पर पानी फेर दिया। समाजावादी चीफ अखिलेश यादव को लगभग सभी रैलियों में यह कहते देखा गया कि, “यह चुनाव लोकतंत्र की आख़िरी लड़ाई है और इसके बाद बदलाव के लिए जनता को क्रांती करनी पड़ेगी।”

वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष कार्यकर्ताओं योगी आदित्यनाथ (सीएम), नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और अन्य केन्द्रीय नेताओं की तरफ से ध्रुविकरण की कोशिश की गई जो सफल साबित हुई।

चुनाव के नतीजे से यह समझा जा सकता है कि समाजवादी पार्टी के बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य की रणनीति पर योगी आदित्यनाथ की 80-20 की नीति भारी पड़ी।

उत्तर प्रदेश चुनाव के नतीजे !

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को पिछले विधानसभा चुनाव के मुक़ाबले कम सीटें मिली हैं लेकिन पार्टी का वोट शेयर बढ़ा है।

2017 के चुनाव में बीजेपी को 39.67 फीसदी वोट मिले थे जबकि 2022 में पार्टी का वोट शेयर 41.3 फीसदी हो गया है जो पिछले चुनाव के मुक़ाबले 1.7 फीसदी की बढ़ोत्तरी है। जबकि इसकी तुलना में बीजेपी की सीटें कम गईं। 

मसलन 2017 के चुनाव में बीजेपी ने 312 सीटें जीती थीं जो 2012 के मुक़ाबले 265 सीटें ज़्यादा थीं। हालांकि अब 2022 के चुनाव में पार्टी को 255 सीटों पर जीत मिली है और 57 सीटों का नुक़सान हुआ है। 

हालांकि समाजवादी पार्टी को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा लेकिन पिछले चुनाव के मुक़ाबले पार्टी का वोट शेयर भी बढ़ा है और सीटें भी बढ़ी है।

मसलन 2017 के चुनाव में पार्टी को 21.82 फीसदी वोट मिले थे और सिर्फ 47 सीटों पर जीत मिली थी और 2012 के मुक़ाबले पार्टी को 177 सीटों का नुक़सान हुआ था।।

अब 2022 के चुनाव में सपा का वोट शेयर 10.3 फीसदी बढ़कर 32.1 फीसदी हो गया है और पार्टी को 111 सीटों पर जीत मिली है, और 64 सीटों का फायदा हुआ।

मायावति की चुप्पी के बावजूद माना जा रहा था कि बहुजन समाज पार्टी इस चुनाव में किंगमेकर की भूमिका में होगी, जो फ्लॉप साबित हुआ। 

पिछले विधानसभा चुनाव में बीएसपी ने अपना पारंपरिक 22.2 फीसदी वोट शेयर बरक़रार रखा था लेकिन अब पार्टी का वोट शेयर 10 फीसदी घटकर 12.9 फीसदी पर आ गया है।

बीएसपी ने 2017 के चुनाव में 19 सीटें जीती थीं और 2012 के मुक़ाबले 61 सीटों का नुक़सान हुआ था। 2022 के चुनाव में बीएसपी का वोट शेयर भी घटा और पार्टी एक सीट पर ही सिमट गई।

जबकि कांग्रेस पार्टी ने दो सीटों पर जीत दर्ज की लेकिन पार्टी का वोट शेयर बीएसपी के मुक़ाबले बेहद कम रहा।

मसलन कांग्रेस ने इस चुनाव में 2.3 फीसदी वोट हासिल किए हैं जो 2017 के मुक़ाबले करीब 4 फीसदी कम है और सीटों की बात करें तो पार्टी के अब यूपी विधानसभा में सात से कम होकर दो विधायक रह गए हैं।

अब इस चुनावी नतीजे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह जीत 2024 के रास्ते साफ करेगी लेकिन पॉलिटिकल एनालिस्ट प्रशांत किशोर ऐसा नहीं मानते। 

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