अनलॉक की प्रक्रिया शुरु, इन राज्यों में 1 जून से मिल सकती है राहत

by GoNews Desk 12 months ago Views 3338

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अप्रैल महीने की शुरूआत में कोरोना की दूसरी लहर ने देश में दस्तक दी और स्वास्थ्य ढांचे को लचर अवस्था में देखते हुए राज्यों को लॉकडाउन के अलावा संक्रमण को रोकने का कोई और रास्ता नहीं मिला और महाराष्ट्र, दिल्ली, छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, केरल या यू कह लीजिए कि लगभग समूचा भारत ही तालाबंद कर दिया गया. अब भारत में कोविड के आंकड़ों को नीचे आता देख कई राज्य पाबंदी  हटाने पर चर्चा कर रहे हैं. 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को राजधानी में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया है.  यहां 19 अप्रैल को एक हफ्ते के लिए लॉकडाउन लगाया गया था जो बढ़ा कर 6 हफ्ते तक कर दिया गया. अब 31 मई को सुबह 5 बजे लॉकडाउन खत्म होगा. जिसके बाद 1 जून से एक हफ्ते के लिए निर्माण कार्यों और फैक्ट्रियों को खोलने की इजाज़त दी गई हैं  हालांकि सीएम ने कहा कि संक्रमण के मामले बढ़ने पर फिर से पाबंदी लगाई जा सकती है.  

भाजपा शासित मध्य प्रदेश में भी कोरोना कर्फ्यू को हटाने का ऐलान किया गया है. वहां एक जून से लोगों को लॉकडाउन से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. राज्य के मुख्यमंत्री शिव राज सिंह चौहान ने एक ट्वीट में बताया कि राज्य में संक्रमण दर 5 फीसदी से नीचे आ गई  है, जो कि स्थितियों के काबू में होंने की ओर इशारा है. उन्होंने ये भी कहा कि 1 जून से कोरोना कर्फ्यू हटा दिया जाएगा लेकिन लॉकडाउन खोलने की प्रक्रिया चरणों में शुरू होगी. मध्य प्रदेश में मार्च के बीच से संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई थी जिसके बाद लॉकडाउन का ऐलान किया गया था. राज्य में लॉकडाउन 31 मई को खत्म हो रहा है.  

इनके अलावा झारखंड, बिहार और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी लॉकडाउन को खोलने को लेकर चर्चा तेज़ हो गई है. झारखंड में कोरोना के आंकड़ों में काफी कमी आई है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को वहां महज 687 संक्रमित मरीज मिले हैं जबकि इसकी तुलना में 1900 से अधिक लोग संक्रमण से ठीक हुए हैं. राज्य में संक्रमण दर भी 1 फीसदी है. ऐसे में अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि राज्य में लॉकडाउन 3 जून के बाद खत्म कर दिया जाएगा. 

मुंबई में भी लोगों को लॉकडाउन से कुछ राहत मिल सकती है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हालांकि सरकार 18 रेड ज़ोन जिलों में लॉकडाउन को 15 जून तक बढ़ाने पर विचार कर रही है लेकिन मुंबई में लोगों को राहत मिल सकती है क्योंकि यहां संक्रमण दर 10 फीसदी से नीचे है और ये रेड जोन नहीं है. ऐसे में दुकानों आदि को कुछ नियमों के साथ खोला जा सकता है. उधर बिहार में भी लॉकडाउन खत्म किए जाने की अटकलें तेज़ हो गई हैं. राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलो के मद्देनज़र 5 मई को लॉकडाउन की घोषणा की गई थी जिसे धीरे धीरे 31 मई तक बढ़ा दिया गया. अब कयास लगाए जा रहें हैं कि 1 जून के बाद नीतीश सरकार अनलॉक की प्रक्रिया शुरू कर सकती है.  

राज्यों में अनलॉक प्रक्रिया शुरू होंने से पहले विशेषज्ञों ने लोगों को मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की सलाह दी है. विशेषज्ञों के अनुसार संक्रमण से बचने का सबसे सही तरीका साफ सफाई का ध्यान रखना और बिना ज़रूरत के भीड़ भरी जगहों पर जाने से बचना है. ऐसे में एक्सपर्ट ने लोगों को गैर जरूरी स्थिति में पब्लिक ट्रांस्पोर्ट के इस्तेमाल से बचने की राय दी है.

अब भले ही सरकार अनलॉक के लिए फूंक फूंक कर कदम रख रही हों लेकिन पिछले साल किए गए अनलॉक के तरीके ने भारत सरकार की अंतराष्ट्रीय स्तर पर किरकरी कराई थी. भारत में 25 मार्च 2020 को पूरी तरह लॉकडाउन का ऐलान किया गया था. सिर्फ 21 दिनों के लिए लगाया गया लॉकडाउन बढ़ कर 6 महीनों तक पहुंच गया.

इसके बाद मोदी सरकार ने 8 जून 2020 को पाबंदी हटाने का ऐलान किया. सरकार के इस निर्णय की विपक्ष पार्टियों और विशेषज्ञों दोनों ने आलोचना की. दरअसल केंद्र ने लॉकडाउन हटाने का ऐलान ऐसे समय पर किया जब भारत में संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे थे. यहां तक कि अनलॉक 1.0 की घोषणा करने के एक दिन बाद ही देश में करीब 10,000 मामले और करीब 300 मौत दर्ज की गई थी. ऐसे में सरकार ने कई भी़ड भाड़ की जगहों जैसे रेस्टोरेंट, दुकानों और पूजास्थलों को खोलने की अनुमति दी.

 सरकार के अनलॉक के तरीके की तुलना बाकी देशों से की गई. जहां जर्मनी, स्पेन और इंग्लैंड जैसे देशों ने कोरोना के कुछ कमज़ोर होने पर लोगों को छूट दी वहीं इससे ठीक उलट भारत में कोरोना के मामले रिकॉर्ड हाई होने पर पाबंदी हटाने का ऐलान किया गया. नतीजा ये हुआ  कि भारत में संक्रमण के मामले जंगल में आग की तरह फैले और लाखों  लोगों ने स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में जान गंवाई.

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