ट्विवटर ट्रबल: भ्रामक डेटा मामले के निपटान के लिए कंपनी 5,900 करोड़ चुकाने को तैयार

by GoNews Desk 9 months ago Views 1041

Twitter in Trouble: Company to Pay Rs 5900 cr to S
ट्विटर शेयरधारकों द्वारा किए गए मुक़दमे को निपटाने के लिए 80.0 करोड़ डॉलर यानि 5,900 करोड़ रूपये चुकाने को तैयार हो गया है। कंपनी पर यह आरोप था कि कंपनी ने अपने यूज़र बेस और यूज़र के इंटरेक्शन लेकर निवेशकों से झूठ कहा और गुमराह किया। यह राशि ट्विटर द्वारा अपने कर्मचारी को पूरे एक साल में वेतन और स्टॉक मुआवजे के रूप में लगभग 600 मिलियन डॉलर या 60 करोड़ डॉलर के भुगतान से भी बड़ी है।

मामला साल 2016 का है जब कंपनी के ख़िलाफ़ मुक़दमे दर्ज किए गए। इस मामले में कोर्ट के नियमित सुवनाई से पहले ही ट्विटर इस राशी के भुगतान के लिए तैयार हो गया। शेयरधारकों का आरोप था कि कंपनी ने यूज़र डेटा के बारे में गुमराह कर अपने स्टॉक के रेट को कृत्रिम रूप से बढ़ाया। यह सब तब हुआ जब रिचर्ड कोस्टोलो कंपनी के सीईओ थे जिन्होंने कंपनी के सीईओ के पद से इस्तीफा दे दिया।


ट्विटर ने जब साल 2015 में भारत सरकार के साथ हाथ मिलाया था तब कोस्टोलो कंपनी के लिए प्वाइंटमैन थे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर के साथ मिलकर एक ट्विटर संवाद शुरु किया था। इस पहल के बाद भारत में ट्विटर का यूज़रबेस बढ़ गया। इस मामले में अमेरिका और जापान के बाद भारत तीसरा ऐसा देश बन गया जहां ट्विटर का यूज़रबेस सबसे ज़्यादा है।

कंपनी के ख़िलाफ़ किए गए शिकायत में कहा गया था कि, ट्विटर ने साल 2014 के अंत में “टाइमलाइन व्यू” की रिपोर्टिंग बंद कर दी और यूज़र मैट्रिक्स के अस्पष्ट विवरणों की रिपोर्ट करके यूज़र के इंगेजमेंट को कम या स्थिर कर दिया। शेयरधारकों के वकील का कहना है कि यही सब वजह रही जिससे कंपनी को समझौते के लिए मज़बूर होना पड़ा।

मामले की सुनवाई के लिए जूरी चयन सोमवार को शुरू होना था और ट्विटर ने ओकलैंड, कैलिफोर्निया अदालत में प्रक्रिया शुरू होने से पहले शुक्रवार को समझौते की पेशकश की। सोमवार को दोपहर बाद के कारोबार में ट्विटर के शेयर 3.8 फीसद गिरकर 60.11 डालर के भाव पर आ गए। मार्च महीने के बाद कंपनी का शेयर 77.6 डॉलर पर कारोबार कर रहा था लेकिन पिछले कारोबारी हफ्ते से अबतक कंपनी के शेयर में 20 फीसदी की गिरावट देखी गई है।

हालांकि कंपनी के सीईओ रहे रिचर्ड कोस्टोलो और ट्विटर के अन्य अधिकारियों ने अदालत में दायर किए गए कागजात में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। क्लास एक्शन में उन निवेशकों को शामिल किया गया है जिन्होंने 6 फरवरी, 2015 से 28 जुलाई, 2015 तक कंपनी का स्टॉक खरीदा था, जबकि कंपनी भारत सरकार के साथ काम करते हुए बड़ी संख्या में फॉलोवर्स और इंगेजमेंट बढ़ा रही थी।

ट्विटर ने अपनी तिमाही रिपोर्ट में बताया कि भारत सहित उसके 16.9 करोड़ दैनिक इंटरनेश्नल यूज़र्स हैं। हालांकि सिक्योरिटीज़ और एक्सचेंज कमीशन में दिए अपनी रिपोर्ट में कंपनी ने यह नहीं बताया है कि इसके पास भारत से कितने यूज़र्स हैं। विश्लेषक मानते हैं कि कंपनी ने भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाकर अपनी वैश्विक फॉलोवर्स और बढ़ाए हैं, जबकि यहां कंपनी का राजस्व बेहद कम है। ट्विटर का भारत तीसरा सबसे बड़ा बाज़ार होने के बावजूद यहां से अपने राजस्व का 1 फीसदी से भी कम कमाता है।

कंपनी का भारत में यूज़र और सब्सक्रिप्शन बेस पिछले पांच सालों में 1.9 करोड़ से बढ़कर 3.4 करोड़ हो गया है। इसके बावजूद 2019 तक कंपनी ने सिर्फ पांच करोड़ रूपये की कमाई की है।

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