भीषण बाढ़ और लैंडस्लाइड की मार झेल रहे पर्यटक स्थल

by Sarfaroshi 1 month ago Views 2035

उत्तर भारत के कई राज्यों में मॉनसून की वजह से बादलने फटने, बाढ़ और पिछले कुछ दिनों में लैंडस्लाइड की घटनाओं से तबाही मची है। इस वजह से भारी संख्या में मौतें भी हो रही है। हिमाचल के सात जिले भारी बारिश के कारण बाढ़ और लैंडस्लाइड से प्रभावित हैं।

इनमें लाहौल-स्पीति, कुल्लू और चंबा के हालात गंभीर बताए जा रहे हैं। इन इलाकों में कुछ दिनों पहले तक भारी संख्या में पर्यटक गर्मी की छुट्टी बिताने यहां पहुंच रहे थे। राज्य के अलग अलग हिस्सों में बाढ़ में 14 लोगों के मारे जाने और 4 लोगों के लापता होने की खबर है। सरकारी अधिकारियों के इंडिया टुडे को दिए एक बयान के मुताबिक अकेले स्पीति में सात, और चंबा में दो लोगों की मौत हुई है जबकि कुल्लू में चार लोग लापता हो गए हैं। 

ज़मीन पर जन्नत माने जाने वाले कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में बुधवार को एक के बाद एक बादल फटने की घटनाएं सामने आई। इनमें 8 लोगों की मौत जबकि 17 लोगों लापता होने की ख़बर है। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले में दक्चन और बौजवा क्षेत्र, जबकि लद्दाख के कारगिल के संगरा और खंगराल जिले प्रभावित हुए हैं।

दक्षिण कश्मीर में अमरनाथ का गुफा मंदिर और उत्तरी कश्मीर में बांदीपोरा में अलोसा गांव में बादल फटने की घटना हुई। इन घटनाओं में दो औरतों समेत 8 लोगों की मौत हो गई है जबकि 17 लोगों को बचाया गया है। वहीं 17 लोगों के अभी भी लापता होने की बात कही जा रही है।

इनके अलावा लद्दाख के कारगिल के संगरा और खंगराल जिले बादल फटने की घटना की चपेट में आए। इससे वहां करीब एक दर्जन घर पानी में बह गए। कई ब्रिज और एक छोटे पावर प्रोजेक्ट्स को नुकसान पहुंचा है।

महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण सबसे अधिक तबाही हुई है। रायगढ़ और कोंकन क्षेत्र जैसे तटीय इलाकों में पिछले हफ्ते भूस्खलन हुए जिसमे मरने वालों की संख्या बढ़ कर 213 हो गई है। इनमें से सबसे अधिक 90 मौत अकेले रायगढ़ से हुई है जबकि 100 गांवों पर अब लैंडस्लाइट का खतरा मंडरा रहा है।

20 जुलाई को हुए भूस्खलन में अभी भी 8 लोगों के लापता होने की खबर है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक रायगढ़ के महाड में कुछ जगहों पर पानी 25 फीट ऊपर तक पहुंच गया है। आपदा प्रबंधन विभाग की जानकारी के मुताबिक लैंडस्लाइड से सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाकों से लोगों को बचाने के लिए कोल्हापुर में 216, सांगली में 74, सतारा में 29, रत्नागिरी में 16 और रायगढ़ में 14 राहत कैंप लगाए गए हैं।

अब मौसम विभाग ने पिछले महीने चमोली में भीषण बाढ़ देख चुके उत्तराखंड और चक्रवात तौकते की तबाही देखने वाले पश्चिम बंगाल में भारी बारिश के कारण पानी के स्तर में बढ़ोतरी और लैंडस्लाइड की चेतावनी जारी की है

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