पड़ताल: सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे बेरोजगार, उत्तर भारत में नहीं पश्चिमी भारत में

by Israr Ahmed Sheikh 2 years ago Views 1231

There is no lack of jobs in the country, there is
केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार के बेरोज़गारी पर दिए बयान ने एक बार फिर देश में रोज़गार के हालात पर बहस छेड़ दी है. गंगवार ने कहा है कि देश में नौकरियों की कमी नहीं है बल्कि उत्तर भारतीयों में योग्यता की कमी है। क्या वाक़ई ऐसा है? गो न्यूज़ ने संतोष गंगवार के मंत्रालय के अंदर आने वाले नैश्नल कैरियर सर्विस पोर्टल पर जाकर उन्हीं के मंत्रालय के आंकड़ों की पड़ताल की। 

संतोष गंगवार को अपने ही विभाग के आंकड़ों की जानकारी नहीं है। श्रम मंत्रालय के तहत आने वाले नैश्नल कैरियर सर्विस पोर्टल यानी एनसीएसपी पर 31 अगस्त को अपडेट हुए राज्यवार आंकड़ों के  मुताबिक पूरे देश में उन पढ़े-लिखे नौजवानों की संख्या 1,450,485 है। जिन्होंने एम्पलॉयमेंट एक्सचेंज में अपना नाम दर्ज करा रखा है।


गंगवार जी के मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि देश में सबसे ज़्यादा पढ़े-लिखे बेरोज़गार उत्तर भारत में नहीं बल्कि पश्चिमी भारत में है। पश्चिमी भारत में कुल तीन राज्य महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और दो केंद्रशासित प्रदेश दमन-दीव और दादरा नगर हवेली हैं।

पश्चिमी भारत में 42,47,869 पढ़े-लिखे बेरोज़गार हैं, जो पूरे देश के बेरोज़गारों का 40.6 प्रतिशत है। अकेले महाराष्ट्र में ही पढ़े-लिखे बेरोज़गारों की संख्या 40,89,701 हैं, जो देशभर के बेरोज़गारों का 39 प्रतिशत है। उत्तर भारत में यूपी समेत सात राज्य और दो केंद्रशासित प्रदेश हैं। यहां कुल पढ़े-लिखे बेरोज़गारों की संख्या 12,22,492 है यानि पश्चिमी भारत के मुक़ाबले एक तिहाई से भी कम। 

पूर्वी भारत में चार राज्य हैं और यहां पढ़े-लिखे बेरोज़गारों की संख्या 32,96,236 हैं। मध्य भारत में दो राज्य हैं और यहां पढ़े-लिखे बेरोज़गारों की संख्या 101,046 है।

दक्षिण भारत में पांच राज्य और दो केंद्र शासित प्रदेश हैं। यहां पढ़े-लिखे बेरोज़गारों की संख्या 5,35,656 है। पूर्वोत्तर के 8 राज्यों में पढ़े-लिखे बेरोज़गारों की संख्या 108,819 है। गंगवार जी के ही मंत्रालय के ये आंकड़े बताते हैं कि जो वो कह रहे हैं, वो सच नहीं है। इस पोर्टल पर पढ़े-लिखे बेरोज़गारों की संख्या, उपलब्ध नौकरियों की संख्या और जिन कम्पनियों ने ये नौकरियां निकाली हैं उनकी संख्या का आंकड़ा भी मौजूद है।

एनसीएसपी के आंकड़े बताते हैं कि 16 सितम्बर 2019 के दिन देशभर में पढ़े-लिखे बेरोज़गारों की संख्या एक करोड़ चार लाख 30 हज़ार 905 थी जबकि उपलब्ध नौकरियों की संख्या सिर्फ़ 3 लाख 99 हज़ार 617 थी। अगर हम इसका औसत निकालते हैं तो हर सौ पढ़े-लिखे बेरोज़गारों के लिए नौकरियों की उपलब्धता चार से भी कम है।

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