कोरोना महामारी में आत्महत्या के मामले हुए बहुत कम: रिपोर्ट

by Siddharth Chaturvedi 6 months ago Views 2100

There have been very few suicide cases in the Coro
मई 2020 में आस्ट्रेलियन मेडिकल एसोसिएशन ने अनुमान लगाया था कि कोविड-19 महामारी से आत्महत्याओं में 25% बढ़ोतरी होगी। अनुमान तो यहाँ तक लगाए गए थे कि कुछ स्थितियों में तो वायरस से अधिक मौतें आत्महत्याओं से हो सकती हैं। पर यहाँ अच्छी ख़बर यह है कि ये अनुमान सही नहीं निकले। 21 देशों की स्टडी में पाया गया है कि 2019 के मुकाबले 2020 में आत्महत्याओं में 11% तक गिरावट आई है।

अभी पूरी दुनिया में कोरोना महामारी अपना विकराल रूप दिखा रही है। दिन भर दिन मौत के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं, पर जब यह महामारी शुरू हुई थी तब ऐसे कई अनुमान लगाए गए थे कि यह महामारी इंसानों को इतनी पीढ़ा पहुँचाएगी कि लोग बीमारी से कम और आत्महत्या से ज़्यादा मरेंगे। पर ऐसा नहीं हुआ।


मेडिकल जर्नल लैंसेट में प्रकाशित स्टडी के अनुसार अप्रैल और जून 2020 के बीच जितनी आशंका थी उससे 10% कम लोगों ने आत्महत्या की है। इस अवधि में 2019 की तुलना में 7 % कम लोगों ने स्वयं मरने का रास्ता चुना।

जापान में 2009 के बाद आत्महत्याओं में पिछले साल उफान आया था और हालात इतने नाज़ुक थे कि सरकार ने मिनिस्टर ऑफ लोनलीनैस तक की नियुक्ति की थी। हालांकि, 2021 की पहली तिमाही में जापान में आत्महत्याओं की दर महामारी से पहले के स्तर पर पहुंच गई है। अन्य देशों के ताज़ा आंकड़े भी आत्महत्याओं में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं दर्शाते हैं। इंग्लैंड में आत्महत्याओं की दर में 12% गिरावट रिकॉर्ड की गई है। अमेरिका के बीमारी नियंत्रण और रोकथाम सेंटर ने 2020 में देश में 6 % की कमी दर्ज की है।

वहीं, आत्महत्या की दर में गिरावट से पता लगता है कि बड़े पैमाने पर शोक से लोग व्यक्तिगत स्तर पर दुखी नहीं होते हैं। साथ ही एक अन्य कारण यह भी कहा जा सकता है कि महामारी के दौरान कुछ अमीर देशों में लोगों को सरकारों से सहायता भी मिली है, जिसके कारण आत्महत्या के मामलों में गिरावट आइ है।

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