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एलएसी पर फ़ायरिंग मामले में भारतीय सेना ने बयान जारी किया, कहा- कार्रवाई चीन ने की

by Shahnawaz Malik 8 months ago Views 956

The Indian Army issued a statement on the firing c
तमाम कोशिशों के बावजूद भारत-चीन के बीच लद्दाख़ से लगी एलएसी पर तनाव बढ़ता जा रहा है. अब चीन ने भारतीय सैनिकों पर फायरिंग और एलएसी को पार करने का आरोप लगाया है. चीनी सेना के प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि जब सोमवार को भारत-चीन के सैनिकों के बीच बातचीत होने वाली थी, तभी भारतीय सैनिकों ने सीमाई इलाक़े में गश्त कर रहे चीनी सैनिकों पर वॉर्निंग शॉट्स फ़ायर किए और अवैध तरीक़े से एलएसी को पार कर गए.

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के वरिष्ठ कर्नल झांग शुइली ने आरोप लगाया कि पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी छोर पर शेनपाओ पर्वत इलाक़े में भारतीय सैनिकों ने एलएसी को पार किया. दोनों देशों के बीच हुई सहमति का भारतीय पक्ष ने गंभीर उल्लंघन करके क्षेत्र में तनाव बढ़ाया है. चीनी सेना के प्रवक्ता का आरोप है कि यह एक गंभीर सैन्य भड़काऊ और घिनौनी कार्रवाई है.


चीनी कर्नल झांग ने मांग की है कि भारतीय सैनिकों को फौरन इस तरह की ख़तरनाक कार्रवाई को रोकना चाहिए, जिन सैनिकों ने एलएसी को पार किया है, उन्हें वापस बुलाना चाहिए और सरहदी इलाक़े में तैनात अपने सैनिकों को क़ाबू में रखना चाहिए.

कर्नल झांग ने यह भी कहा कि इस मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और वॉर्निंग शॉट्स फ़ायर करने वाले सैनिकों को सज़ा मिलनी चाहिए. यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि दोबारा ऐसी घटना न हो. उन्होंने यह भी कहा कि चीन की पश्चिमी सीमा पर तैनात सैनिक अपनी ड्यूटी और मिशन को पूरा करेंगे और देश की संप्रभुता की सुरक्षा करेंगे.

हालांकि चीन के इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए भारतीय सेना ने भी बयान जारी किया है. भारतीय सेना ने कहा है कि जहां एक ओर भारतीय सैनिक एलएसी पर डिसइंगेजमेंट के लिए प्रतिबद्ध हैं, वहीं चीनी सैनिक लगातार भड़काऊ गतिविधियां कर रहे हैं.

भारतीय सैनिकों ने कहीं भी एलएसी को पार करने जैसा उल्लंघन नहीं किया है और ना ही फ़ायरिंग की है. जहां तक 7 सितंबर की घटना का मामला है तो यह चीनी सैनिकों ने की है. चीनी सैनिकों ने एलएसी पर तैनात भारतीय सैनिकों के नज़दीक आने की कोशिश की और जब उनके अपने सैनिकों के बीच इसपर सहमति नहीं बनी तो अपने ही सैनिकों को डराने के लिए चीन ने फ़ायरिंग की.

चीन ने भारतीय सैनिकों पर यह आरोप उस वक़्त लगाया है जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइज़ेशन में हिस्सा लेने के लिए चार दिवसीय यात्रा पर रूस रवाना हो रहे हैं. वहां पर उनकी चीनी समकक्ष वांग यी के साथ द्विपक्षीय बैठक की भी उम्मीद है. इससे पहले मॉस्को में ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह चीनी समकक्ष के साथ दो घंटे 20 मिनट तक बैठक कर चुके हैं लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला.

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