जनगणना 2021 का पहला चरण सितंबर 2022 तक के लिए टला !

by M. Nuruddin 5 months ago Views 2222

The first phase of Census 2021 has been postponed
नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर को अपडेट करने और जनगणना के पहले चरण की प्रक्रिया को सितंबर 2022 तक के लिए टाल दिया गया है। भारत के रजिस्ट्रार जनरल ऑफि इंडिया के हवाले से एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि जिलों, उप-जिलों, तहसीलों, तालुका, पुलिस स्टेशनों आदि की सीमाओं को जून 2022 तक के लिए फ्रीज़ करने का आदेश जारी किया गया था।

कम से कम तीन महीने पहले प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं को फ्रीज करना जनगणना शुरु करने से पहले ज़रूरी होता है। इस दरमियान राज्य कोई भी प्रशासनिक इकाई स्थापित नहीं कर सकते। अगर आरजीआई की तरफ से जून महीने में इस बाबत फिर से कोई सर्कुलर जारी होता है तो जनगणना की प्रक्रिया सितंबर 2022 से शुरु की जा सकती है।


ग़ौरतलब है कि जनगणना के पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस - और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को अपडेट करने के लिए डेटा कलेक्शन का काम कुछ राज्यों में अप्रैल 2020 में ही शुरु होना थी लेकिन महामारी की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया था।

censusindia.gov.in पर जारी एक सर्कुलर के मुताबिक़ पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2020 तक आयोजित होना था जिसमें हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस की प्रक्रिया शामिल थी। जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना की प्रक्रिया 9 फरवरी से 28 फरवरी 2021 तक आयोजित होनी थी। यह दोनों प्रक्रिया 5 मार्च 2021 को समाप्त होना था लेकिन महामारी की वजह से इन्हें अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया था।

एक अंग्रेज़ी दैनिक द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक़ देश में ज़िलों की संख्या 2011 में 640 के मुक़ाबले बढ़कर 736 हो गई है। उप ज़िलों की संख्या  5,925 से बढ़कर 6,754 हो गए हैं, शहरों, जिसकी जनसंख्या एक लाख से ज़्यादा है- 4,041 से बढ़कर 4,657 हो गए हैं।

इनके अलावा जनगणना शहर 3,892 से बढ़कर 5,050 हो गए हैं, लेकिन गांव की संख्या 2011 में 6,40,934 से घटकर 2021 में 6,39,083 हो गई है। इसका मतलब यह हो सकता है कि भारत शहरीकरण की दिशा में बढ़ चला है।

आरजीआई ने जुलाई 2020 में एक सर्कुलर जारी कर कहा था कि पहले चरण का फील्ड वर्क और अन्य संबंधी गतिविधियों को अगले आदेश तक के लिए टाल दिया गया है।

ग़ौरतलब है कि 2021 की जनगणना की प्लानिंग 2017 में शुरु हुई थी। इस मामले में रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया की तरफ से दिसंबर 2017 में एक सर्कुलर भी जारी किया गया था। इसके बाद के सालों में लगातार इसपर अपडेट जारी किए गए। रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया की तरफ से censusindia.gov.in पर आख़िरी अपडेट 17 मार्च 2020 को जारी की गई थी।

आपको बता दें कि जनगणना के टलने से सरकारी कामकाज धीमा पड़ सकता है। ख़ास तौर पर सामाजिक योजनाएं बनाने और लागू करने में समस्या आ सकती है। सरकारें जनसंख्या और जनगणना का आधार पर ही योजनाएं बनाती है।

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