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छत्तीसगढ़ - रायपुर में 10 दिनों का लॉकडाउन

by GoNews Desk 1 week ago Views 2631

migrant workers
देश कोरोना के दूसरी लहर की चपेट में है। इस बीच छत्तीसगढ़ के रायपुर में दस दिनों का लॉकडाउन लगा दिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने 9 अप्रैल से 19 अप्रैल तक के लिए ज़रूरी चीज़ों को छोड़कर सभी स्कूल-कॉलेज, धार्मिक स्थलों को बंद कर दिया है। इनके अलावा कई राज्य ऐसे हैं जहां नाइट कर्फ्यू और वीकेंड लॉकडाउन पहले से ही लागू है।

इसके तहत शुक्रवार रात 8 बजे से सोमवार सुबह 7 बजे तक लॉकडाउन रहेगा। राजधानी दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच नाइट कर्फ्यू का एलान किया गया है। राज्य में 6 अप्रैल से 30 अप्रैल तक रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक पाबंदी लागू रहेगी। राजस्थान सरकार ने भी नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया है। राज्य में रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लगाया गया है। इसी तरह ओडिशा में 10 जिलों में नाइट कर्फ्यू का एलान किया गया है। सुंदरगढ़, बारगढ़, झारसुगुड़ा, संबंलपुर, बलंगीर, नुआपुदा, कालाहांडी, मलकनगिरी, कोरापुट और नबरंगपुर में पाबंदी लगाई गई है। 


पंजाब के मोहाली, अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, होशियापुर, जलंधर, कपूरथला, एसएसपी नगर, रोपड़, फतेहगढ़ साहिब और मोगा में भी 10 अप्रैल तक रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू किया गई है। वहीं गुजरात में अहमदाबाद, राजकोट, सूरत और वडोदरा में नाइट कर्फ्यू बढ़ाकर 15 अप्रैल तक कर दिया गया है।

इसी से महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में रह रहे प्रवासी पिछले दो दिनों में बड़ी संख्या में अपने घरों को लौटे हैं। लोक मान्य तिलक टर्मिनस के अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो दिनों में ट्रेन यात्रियों की संख्या में इज़ाफा हुआ है। यहां से उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए ट्रेनें रवाना होती हैं। ये लोग पिछले साल लगे लॉकडाउन में आय के सभी साधन बंद हो जाने के बाद अपने घर लौटे गए थे। महामारी का असर कुछ कम होने लॉकडाउन में ढिलाई होने पर प्रवासी मज़दूर काम की तलाश में दूसरे राज्य में गए लेकिन एक बार फिर लॉकडाउन की संभावनाओं के चलते अपने घरों की ओर आने को मजबूर हैं।

वापस लौट रहे मजदूरों में बड़ी संख्या बिहार से संबंध रखने वालों की है। पिछले दिनों में सैकड़ों की संख्या में मजदूर बिहार वापस लौटे हैं। ट्रेन, बसें अलग- अलग राज्यों में काम कर रहे बिहार के मज़दूरों से भरी पड़ी हैं। लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर तैनात आरपीएफ के एक गार्ड ने बताया कि पिछले दो दिनों से यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। 

आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल मार्च महीने से लगाए गए लॉकडाउन में भी लाखों की तादाद में प्रवासी मज़दूर विकट परिस्थितियों में अपने घरों को लौटे थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लॉकडाउन की वजह से 1.23 करोड़ प्रवासी मज़दूरों ने पलायन किया था। इनमें से 50 फीसदी सिर्फ देश के तीन राज्यों पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश लौटे थे। इनमें अगर दो ओर राज्यों राजस्थान और ओडिशा को जोड़ दिया जाए तो ये आंकड़ा बढ़ कर 67 प्रतिशत हो जाता है। 

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