तेलंगाना के मंत्री का Tesla को साझेदारी का निमंत्रण !

by GoNews Desk Edited by M. Nuruddin 5 months ago Views 2561

Tesla invited to India

Telangana minister invites Tesla to partner
तेलंगाना के शहरी विकास मंत्री केटी रामा राव ने टेस्ला के सीईओ एलन मस्क को बिज़नेस साझेदारी के लिए निमंत्रण दिया है। केटीआर ने यह निमंत्रण तब दिया है जब पिछले दिनों एलन मस्क ने भारत में बिज़नेस शुरु करने से जुड़े एक सवाल के जवाब में भारत सरकार के साथ चुनौतियों के बारे में बात की थी।

केटीआर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के बेटे हैं और तेलंगाना सरकार में मंत्री भी हैं। उन्होंने कहा कि उनका राज्य स्थिरता की पहल में एक चैंपियन है और उनकी सरकार देश में व्यवसाय स्थापित करने की चुनौतियों के माध्यम से काम करने में टेस्ला के साथ साझेदारी करके खुश होगी।


केटीआर ने ट्विटर पोस्ट में लिखा, “हे एलन, मैं भारत में तेलंगाना राज्य का उद्योग और वाणिज्य मंत्री हूं। भारत/तेलंगाना में दुकान स्थापित करने की चुनौतियों के माध्यम से काम करने और टेस्ला के साथ साझेदारी करने में खुशी होगी। हमारा राज्य सस्टेनेबिलिटी इनिशिएटिव्स में चैंपियन और भारत में एक शीर्ष बिजनेस डेस्टिनेशन है।"

दअसल 13 जनवरी को एक ट्विटर यूज़र ने एलन मस्क से भारत में बिज़नेस शुरु करने को लेकर एक सवाल पूछा था जिसके जवाब में एलन मस्क ने कहा, “अभी भी सरकार के साथ कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।”

इलेक्ट्रोनिक कार कंपनी टेस्ला के सीईओ एलन मस्क भारत में टेस्ला कारों पर आयात शुल्क कम करने पर ज़ोर दे रहे हैं। एलन मस्क की मांग है कि अगर भारत टेस्ला कारों के लिए इंपोर्ट ड्युटी कम करता है तभी वे यहां अपना बिज़नेस शुरु करेंगे।

भारत दुनिया का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश है और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। जानकार मानते हैं कि सरकार की कड़ी नीतियों की वजह से विदेशी कंपनियां भारत में अपना बिज़नेस शुरु करने से क़तराते हैं।

हालांकि, प्रमुख भारतीय ऑटोमोटिव निर्माता मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा ऑटोमोबाइल भारत सरकार के आयात शुल्क कम करने की पहल का विरोध कर रहे हैं।

लाइव मिंट ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया है कि सरकार ने टेस्ला को पीएलआई स्कीम के ज़रिये भारत में मैन्युफैक्चरिंग का ऑफर दिया है लेकिन एलन मस्क इंपोर्ट ड्यूटी को ख़त्म करने की मांग कर रहे हैं और वे भारत में मैन्युफैक्चरिंग के लिए राज़ी भी नहीं है।

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