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'टैक्स टेररिज़्म': व्यापारियों का भारत बंद, किसान मोर्चा भी समर्थन में

by GoNews Desk 1 month ago Views 1276

'जीएसटी सिस्टम की सफलता के लिए स्वैच्छिक अनुपालन सबसे अहम है, क्योंकि इससे ज़्यादा-से-ज़्यादा लोग अप्रत्यक्ष कर प्रणाली या इंडायरेक्ट टैक्स सिस्टम से जुड़ेंगे।'

'Tax Terrorism': Traders shut down India, Support
व्यापार संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (जीएसटी) के प्रावधानों की समीक्षा की मांग को लेकर आज भारत का आह्वान किया है। इस बंद को ऑल इंडिया ट्रडर्स वेलफेयर एसोसिएशन का भी समर्थन है। वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि सीएआईटी के साथ पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दाम और ई-वे बिल को लेकर चक्का जाम का समर्थन किया जाएगा। व्यापारियों के साथ आंदोलित किसान भी इसके समर्थन में है।

जीएसटी के प्रावधानों को लेकर सीएआईटी के कार्यकर्ता आज 1500 स्थानों पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। जीएसटी से व्यापारियों को ख़ासा नुक़सान हो रहा है। संगठन ने सरकार के सामने जीएसटी के नियमों की समीक्षा और टैक्स स्लैब को और सरल बनाने की मांग रखी है।


सीएआईटी का कहना है कि है कि, ‘जीएसटी ने सरकारी अधिकारियों को मनमानी और अप्रतिबंधित शक्तियां देकर देश में टैक्स टेररिज़्म की स्थिति पैदा कर दी है। एक सही कर प्रणाली वो ही है जो व्यापारियों के भले और वृद्धि का सोचे। वो नहीं जो अपने नियमों की जटिलता और कुटिलता से कष्ट दे।’ सीएआईटी का कहना है, ‘किसे पता था कि व्यापार को आसान बनाना तो दूर बल्कि हम व्यापारियों को अनगिनत अनुपालन और अधिकारियों से अनुचित उत्पीड़न सहना पड़ेगा।’

व्यापारियों की सरकार से ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए भी नियमों में सुधार की मांग है। व्यापारियों का आरोप है कि विदेशी ई-कॉमर्स कंपनी देश में मनमाने ढंग से काम कर रही है। व्यापार संगठन का कहना है कि कानून के उल्लंघन को रोकने के लिए सरकार से ई-कॉमर्स में सुधार करने का भी आग्रह है। भारत बंद को ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के एक करोड़ कार्यकर्ताओं का समर्थन है। 

इनके अलावा असम चैंबर ऑफ कॉमर्स, नागालैंड के व्यापार संगठनों समेत 40 हज़ार ट्रेडर्स एसोसिएशन इस बंद के समर्थन में हैं। अब संयुक्त किसान मोर्चा ने भी भारत बंद के इस आह्वान का समर्थन किया है और शांतिपूर्ण ढंग से बंद को सफल बनाने की अपील की है। सीएआईटी के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल के मुताबिक़ इस बंद में व्यापारियों के साथ फेरीवाले और अन्य लोगों समेत महिला एंटरप्रेन्योर्स भी बंद में शामिल हैं।

व्यापार संगठन के मुताबिक़ ‘पिछले चार साल में जीएसटी में करीब 950 संशोधन हो चुके हैं। जीएसटी पोर्टल में लगातार तकनीकी गड़बड़ियां रहती है। इससे व्यापारियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जीएसटी सिस्टम की सफलता के लिए स्वैच्छिक अनुपालन सबसे अहम है, क्योंकि इससे ज़्यादा-से-ज़्यादा लोग अप्रत्यक्ष कर प्रणाली या इंडायरेक्ट टैक्स सिस्टम से जुड़ेंगे। इससे टैक्स बेस बढ़ेगा और रेवेन्यू में इजाफा होगा।’

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