सरकारी एयरलाइंस कंपनी एयर इंडिया को ख़रीदने की तैयारी में टाटा समूह: रिपोर्ट

by Rahul Gautam 1 year ago Views 3840

Tata group in readiness to buy government airlines
देश के सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल टाटा समूह महीने के आख़िर तक घाटे में चल रही एयर इंडिया को खरीदने का प्रस्ताव रख सकती है. माना जा रहा है कि टाटा समूह ने सरकारी एयरलाइंस को ख़रीदने की तैयारी अकेले की है. इसके लिए उसे किसी वित्तीय सहयोगी की दरकार नहीं है. नागर विमानन मंत्रालय मार्च से अप्रैल के बीच सरकारी एयरलाइंस को बेचना चाहती थी लेकिन कोरोना महामारी के चलते ऐसा नहीं हो पाया.

आंकड़े बताते हैं कि एयर इंडिया का कुल घाटा 40 हज़ार करोड़ से ज्यादा है और पिछले वित्त वर्ष में एयर इंडिया को चलाने में 4,600 करोड़ का नुकसान हुआ था. माना जा रहा है कि कोरोना महामारी के चलते चालू वित्त वर्ष में भी कंपनी को घाटा हो सकता है. हालांकि महामारी के दौरान विदेशों में फंसे लाखों भारतीय नागरिकों को लाने के लिए इसी एयरलाइंस का सहारा लिया गया. इस दौरान यात्रियों से दोगुने से भी ज़्यादा किराया वसूला गया. लिहाज़ा, घाटा बहुत बढ़ने की आशंका नहीं है.


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फ़िलहाल एयर इंडिया के ऑपरेशन्स को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है जिसकी रिपोर्ट टाटा समूह के बोर्ड को भेजी जाएगी जिसके बाद इस महीने के अंत तक एयर इंडिया को खरीदने के लिए बोली लगाई जाएगी। बता दें कि इस डील में सबसे ज्यादा चिंता एयर इंडिया के कर्मचारियों को लेकर बनी हुई है. सरकार का दावा है कि नीलामी के बावजूद एयरलाइंस से कर्मचारियों की छंटनी नहीं होगी लेकिन उनकी तक़दीर का सही फ़ैसला नीलामी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा.

एयर इंडिया के पास कुल 146 एयरक्राफ्ट हैं. 31 मार्च, 2017 तक एयर इंडिया में कुल 14 हज़ार 101 कर्मचारी काम कर रहे थे. इसका औसत निकाला जाए एयर इंडिया के एक एयरक्राफ्ट पर 133 कर्मचारी काम करते हैं. वहीं देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइंस कंपनी इंडिगो के पास 250 एयरक्राफ्ट हैं जहां 31 मार्च, 2019 तक 23,531 कर्मचारी काम कर रहे थे.

अब अगर दोनों एयरलाइंस की तुलना की जाए तो एयर इंडिया के एक विमान पर 133 तो इंडिगो के एक विमान का कामकाज 94 कर्मचारी संभालते हैं. इनमें से भी 10 फीसदी स्टाफ की इंडिगो ने हाल में ही छुट्टी कर दी है. माना जा रहा है कि सरकार का दावा कुछ भी लेकिन छंटनी को लेकर एयर इंडिया के कर्मचारियों में डर का माहौल है.

विशेषज्ञों के मुताबिक नीलामी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद घाटे को कम करने के लिए तरह-तरह की कटौती की जाएगी. इनमें स्टाफ की छंटनी करके भी घाटा कम करने का एक विकल्प बना हुआ है.

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