ग्रामीण भारत के दो-तिहाई घरों में अब तक नहीं पहुँचा नल का जल!

by Rahul Gautam 1 year ago Views 1519

Tap water has not yet reached two-thirds of rural
देश को आज़ादी मिले 75 साल हो चुके है लेकिन अब भी करोड़ो भारतीय मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। रोटी, रोजगार, पढ़ाई दवाई अभी भी कई ज़रूरी चीज़े भारत में एक तबके को मय्यसर नहीं है। संसद में सरकार ने माना है की ग्रामीण भारत में लगभग 34 फीसदी यानी हर तीन में से एक घर में ही नल के जरिए पानी पहुँचता है। इस मामले में कई राज्यों को तो बहुत बुरा हाल है। जिन घरों में नल नहीं है, उन्हें कुएँ, हैंडपंप या घर के पास किसी अन्य स्रोत से पानी इकट्ठा करना पड़ता है।

मसलन पश्चिम बंगाल के ग्रामीण इलाकों में महज 6.17 फीसदी घरों में ही नल के जरिये पानी पहुँचता है। इसी तरह असम में 6.4 फीसदी और देश के सबसे ज्यादा आबादी वाले उत्तर प्रदेश के गावों में सिर्फ 9.12 % के पास नल-जल की सुविधा है। नागालैंड और झारखंड में 10 फीसदी ग्रामीण घरों में नल कनेक्शन है।


अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि ऐसे घरों में पीने का पानी रोज जुगाड़ना कितनी परेशानी का काम है, खासतौर पर घरेलू महिलाओं के लिए।  हालांकि, कई राज्य इस मामले में अच्छा काम भी कर रहे है। मसलन गोवा में 100 फीसदी, हरियाणा में 85.63 फीसदी, गुजरात में 82.12 फीसदी, हिमाचल प्रदेश में 75.64 फीसदी और बिहार के 64.11 फीसदी ग्रामीण घरों में नल जल मिलता है।

गौरतलब है की गाँवों में 'जीवन की गुणवत्ता' में सुधार लाने और 'जीवन जीने में आसानी' बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने 'हर घर जल' की घोषणा के साथ 15 अगस्त, 2019 को जल जीवन मिशन (JJM)  शुरू किया था। इसका लक्ष्य 2024 तक हर ग्रामीण घर में एक चालू घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) देने का था। जल शक्ति मंत्रालय के मुताबिक इस योजना पर राज्यों की साझेदारी में 3.60 लाख करोड़ खर्च होंगे।

केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय की रिपोर्ट से पता चलता है कि देश में पिछले 16 सालों में केवल 3 वर्ष को छोड़कर देश में बारिश सामान्य से कम हुई है। सबसे कम बारिश साल 2009 में हुई थी जब यह सामान्य  से 20 फीसदी कम थी। सिर्फ 2005, 2010 और 2013 में ही बारिश सामान्य से ज्यादा थी। इस रिपोर्ट के मुताबिक बारिश से ही भूजल का स्तर बढ़ता है जिससे देश की 67 फीसदी पानी की ज़रूरत पूरी होती है। अगर देश में इसी तरह बारिश साल दर साल कम होती रही तो जल्दी ही भूजल ख़त्म हो सकता है । ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द ग्रामीण भारत की भूजल पर निर्भरता कम करनी होगी और उन्हें नल कनेक्शन से जोड़ना होगा वरना पानी का संकट पैदा हो सकता है।

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