Russia-Ukraine Conflict: यूक्रेनी सीमा से रूसी सेना 'अभ्यास' के बाद कर रही वापसी !

by M. Nuruddin 4 months ago Views 1653

Russia-Ukraine Conflict: Russian army is withdrawi
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जैसे हालात बरक़रार हैं लेकिन इस बीच ख़बर यह आ रही है कि रूस अपनी सेना को रूस-यूक्रेन सीमा से वापस बुला रहा है। ख़बर है कि यूक्रेन से सटे रूस के सैन्य ज़िलों में कुछ सैनिक कथित रूप से अपना अभ्यास पूरा करने के बाद अपने ठिकानों पर वापस लौट रहे हैं। माना जा रहा है कि इस क़दम से रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव कम हो सकता है।

रूस की इंटरफैक्स समाचार एजेंसी ने रूसी रक्षा विभाग का हवाला देते हुए कहा कि देशभर में बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास जारी है। दक्षिण और पश्चिमी सैन्य ज़िलों की कुछ इकाइयों ने अपना अभ्यास पूरा कर लिया है और वे अपने ठिकानों पर लौटना शुरु कर दिया है।


रूस ने यूक्रेन की सीमाओं के पास 1,00,000 से ज़्यादा सैनिकों को इकट्ठा किया था, जिससे आक्रमण की आशंका बढ़ रही थी, विशेष रूप से मास्को के बेलारूस के साथ 10-20 फरवरी के संयुक्त अभ्यास के बाद यह देखा गया कि यूक्रेन रूसी सेनाओं के जत्थों से घिर गया है।

हालांकि रूस पहले भी यह बयान दे चुका है कि उनकी सेना सिर्फ अभ्यास करने के वास्ते सीमा पर तैनात है और अभ्यास के बाद वे अपने एयरबेस पर वापस आ जाएंगे। हालात बिगड़ने के साथ ही कम से कम एक दर्जन देशों ने अपने नागरिकों को यूक्रेन छोड़ने की सलाह दी है।

कीव (KYIV) स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए एक बयान जारी किया है जिसमें भारतीय को यूक्रेन छोड़ने की सलाह दी गई है। यह बयान ख़ासतौर पर भारतीय स्टूडेंट्स को लेकर जारी की गई है कि वे तत्काल यूक्रेन छोड़ भारत वापस चले जाएं। इसके साथ ही दूतावास ने अपने बयान में ग़ैर-ज़रूरी कामों के लिए यूक्रेन का दौरा करने से भी भारतीय को बचाने की सलाह दी जाती है।

ग़ौरतलब है कि रूस और यूक्रेन के बीच पिछले एक महीने से युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। रूस चाहता है कि यूक्रेन को नेटो गठबंधन का हिस्सा नहीं बनना चाहिए। जबकि यूक्रेन नेटो फोर्स में शामिल होने के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों देशों के बीच तनाव की यही एकमात्र ठोस वजह है- रूस मानता है कि नेटो गठबंधन में यूक्रेन के शामिल होने के बाद रूस की सुरक्षा के लिए ख़तरा पैदा हो सकता है।

अमेरिका यूक्रेन में बंद करेगा अपना दूतावास !

इस बीच अमेरिका ने सोमवार को एक बार फिर अपने नागरिकों को यूक्रेन छोड़ने की सलाह दी। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के अधिकारी ने अपने एक बयान में कहा अमेरिका, यूक्रेन में अपना दूतावास बंद कर देगा और Kyiv स्थित दूतावास में काम करने वाले कर्मचारियों को पोलेंड की सीमा के पास एक शहर Lviv में शिफ्ट करेगा।

रूस का यूक्रेन के ख़िलाफ़ सैन्य जाल !

रूस ने यूक्रेन के तीन तरफ - दक्षिण में क्रीमिया, दोनों देशों की सीमा के रूसी हिस्से में और उत्तर में बेलारूस में अपनी सेना तैनात की थी। जानकार का मानना था कि रूस डोनेट्स्क (Donetsk) और लुहान्स्क (Luhansk) से पूर्वी यूक्रेन में घुसपैठ कर सकता है। साल 2014 से ही रूसी और यूक्रेनी सेना इस क्षेत्र में आमने-सामने है। हाल के दिनों में दोनों देशों ने इस क्षेत्र में अपने हथियार इकट्ठा किए थे।

रूस ने साल 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया पर क़ब्ज़ा किया था जो रूस के लिए घुसपैठ का एक प्लस-प्वाइंट है। क्रीमिया की राजधानी Simferpol में बड़ी संख्या में सैन्य ठिकाने बनाए गए थे और हथियारों से भरी गाड़ियां यहां इकट्ठा की गई थी। बेलारूस भी रूस के लिए एक और फ्लैशप्वाइंट है जहां रूसी सैनिक पहले से ही सैन्य अभ्यास के लिए मौजूद थे।

यूक्रेन का बातचीत का प्रस्ताव !

हालांकि इस बीच यूक्रेन की तरफ से रूस के साथ बातचीत की पहल भी की गई है। यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन (OSCE) द्वारा इस बातचीत का प्रसस्ताव दिया गया है।

बाद में यूक्रेन के विदेश मंत्री Dmytro Kuleba ने बताया कि उन्होंने रूस को उनकी तरफ से सैन्य डेवलपमेंट पर बातचीत के लिए 48 घंटे का समय दिया गया था लेकिन रूस ने बातचीत से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि यूक्रेनी सीमा पर रूसी डेवलपमेंट पर पारदर्शी रूप में बातचीत की पेशकश थी।

उधर रूस नेटो गठबंधन का हिस्सा बनने के अपने फैसले पर बरक़रार है। ब्रिटेन में मौजूद यूक्रेन के दूत का कहना है कि यूक्रेन का नेटो गठबंधन का हिस्से बनने का संवैधानिक कमिटमेंट है और यह नेटो की रज़ामंदी पर निर्भर करता है।

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