महिलाओं को लिव-इन में रहने का हक़, हाईकोर्ट ने शामली के जोड़े की सुरक्षा का दिया आदेश

by GoNews Desk 11 months ago Views 2449

Right to stay in live-in for women, High court ord
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फ़ैसले में कहा है कि दो महिलाओं को लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने का अधिकार है। समाज की नैतिकता अदालत के फ़ैसलों को प्रभावित नहीं कर सकता। अदालत ने पुलिस को शामली निवासी इस समलैंगिक जोड़े को सुरक्षा देने का निर्देश दिया है।

इन महिलाओं के रिश्ते को परिवार और समाज की ओर से विरोध का सामना करना पड़ रहा था। याचिका में इन महिलाओं ने सुरक्षा देने की माँग की थी।


हने की याचिका पर अहम फैसला दिया है. दायर याचिका में दोनों महिलाओं ने सुरक्षा की मांग की थी. बता दें कि दोनों महिलाओं के इस रिश्ते का परिवार और समाज विरोध कर रहा है. कोर्ट ने कहा कि समाज की नैतिकता अदालत के फैसलों को प्रभावित नहीं कर सकती.

कोर्ट का दायित्व है कि वह सांविधानिक नैतिकता और लोगों के अधिकारों को संरक्षण प्रदान करे. कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक शामली को याचियों को संरक्षण देने का निर्देश देते हुए कहा कि उन्हें किसी द्वारा परेशान न किया जाए.

जस्टिस शशिकांत गुप्ता और जस्टिस पंकज भाटिया की खंडपीठ ने शामली के तैमूरशाह मोहल्ले की निवासी सुल्ताना मिर्जा और विवेक विहार की निवासी किरन रानी की याचिका पर यह फ़ैसला दिया है. याचिका में कहा गया था कि वे दोनों बालिग हैं। दोनों नौकरी कर रही हैं। साथ ही लंबे समय से लिव-इन-रिलेशनशिप में हैं। इसका परिवार और समाज विरोध कर रहा है, उन्हें परेशान किया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने नवतेज सिंह जोहर केस में समलैंगिकता को मान्यता दी है। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक आपसी सहमति से दो समलैंगिकों के बीच बनाए गए संबंध को आपराधिक कृत्य नहीं माना जाएगा। समलैंगिको के भी वही मूल अधिकार हैं जो किसी सामान्य नागरिक के हैं। सबको सम्मान से जीने का अधिकार है।

ताज़ा वीडियो