'दिशा की जल्द हो रिहाई', निकिता के ख़िलाफ़ वॉरंट, बॉम्बे हाई कोर्ट से मांगी सुरक्षा

by GoNews Desk 1 year ago Views 1379

पुलिस का दावा है कि कथित रूप से कनाडा की रहने वाली पुनीत नाम की एक महिला ने निकिता और पोएटिक फाउंडेशन के बीच मीटिंग कराया था।

'Release Disha', warrant against Nikita, security
संयुक्त किसान मोर्चा ने पर्यावरण एक्टिविस्ट दिशा रवि की बिना शर्त रिहाई की मांग की है। किसान मोर्चा ने अपने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि उन्होंने (दिशा) ने किसानों की मुश्किलें समझी हैं और आंदोलन का समर्थन किया है। किसानों ने कहा है कि सरकार दिशा रवि को तत्काल रिहा करे। किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के नेता सतनाम सिंह पन्नू ने कहा कि दिशा रवि ने अपने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करते हुए ग्रेटा थनबर्ग के ट्वीट को शेयर किया था। लेकिन डरी हुई मोदी सरकार ग्रेटा की गिरफ्तारी कर लोकतंत्र की हत्या कर रही है। 

किसान नेताओं ने कहा है कि 18 फरवरी का रेल रोको आंदोलन सरकार को तीन कृषि क़ानूनों को वापस लेने पर मज़बूर करेगी। किसान मोर्चा ने पुलिस की गिरफ्त में ‘फंसे’ किसानों की भी रिहाई की मांग की। पुलिस के मुताबिक़, दिशा ने मुंबई की वकील निकिता जैकब और पुणे के एक इंजीनियर के साथ मिलकर टूलकिट को तैयार किया था। कहा जा रहा है कि इसी टूलकिट को स्वीडन की पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने भी साझा की थी।


टूलकिट को लेकर मोदी सरकार का कहना है कि यह देश के ख़िलाफ़ एक साज़िश है। जबकि विपक्ष का कहना है कि असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सरकार इस तरह की हरक़तों का सहारा ले रही है। दिशा रवि ने कोर्ट को बताया है कि उन्होंने इस टूलकिट को तैयार नहीं किया और वो सिर्फ किसानों के लिए समर्थन चाहती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक़ दिशा ने कोर्ट के सामने बताया कि उन्होंने 3 फ़रवरी को इस टूलकिट की दो लाइनें एडिट की थीं।

पुलिस का दावा है कि इस टूलकिट के पीछे पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन की साज़िश है। पुलिस का आरोप है कि इस संगठन ने वकील निकिता जैकब से भी संपर्क किया था और कथित रूप से उन्हें 26 जनवरी को ट्वीट करने के लिए कहा था। पुलिस का कहना है कि ये संगठन एक ‘खालिस्तानी अलगाववादी’ संगठन है। अब दिल्ली पुलिस ने वकील निकिता जैकब की गिरफ्तारी के लिए भी वॉरंट जारी कर दिया है। 

निकिता का का कहना है कि पिछले गुरुवार दिल्ली पुलिस की एक टीम वॉरंट लेकर उनके घर पहुंच गई और जांच-पड़ताल की और उनके गैजेट्स (मोबाइल फोन, लैपटॉप) और डॉक्यूमेंट्स अपने साथ ले गई। पुलिस का दावा है कि कथित रूप से कनाडा की रहने वाली पुनीत नाम की एक महिला ने निकिता और पोएटिक फाउंडेशन के बीच मीटिंग कराया था। पुलिस का कहना है कि 11 जनवरी को ज़ूम के माध्यम से सभी ने बैठक की। निकिता अपनी गिरफ्तारी वॉरंट को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंची हैं और गिरफ्तारी से राहत की मांग की है।

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