उग्र किसान संगठनों का रेल रोको अंदोलन, हरसिमरत के इस्तीफे की टाइमिंग पर सवाल उठाये

by Ankush Choubey 1 year ago Views 1469

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लोकसभा में किसानों से जुड़े दो बिल पास के बाद पंजाब में किसानों ने अब अपना विरोध तेज़ कर दिया है. पंजाब में विभिन्न किसान संगठनों ने 25 सितंबर को पंजाब बंद का आवाहन किया है जबकि किसान मजदूर संघर्ष समिति ने 24 से 26 सितंबर के बीच पंजाब में रेल रोको आंदोलन करने का ऐलान किया है. इस बीच शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के घर के सामने धरने में बैठे एक किसान ने जहर खा आत्महत्या करने की भी कोशिश की।

किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने बताया कि कृषि से संबंधित बिलों और केंद्र सरकार के खिलाफ 24 से 26 सितम्बर तक पूरे पंजाब में किसान ट्रैक कर आकर ट्रेनों को रोकेंगे। उन्होंने कहा 25 तारीख को विभिन्न किसान सगठनों द्वारा बुलाये गए पंजाब बंद के आवाहन का भी वो समर्थन करेंगे। पंढेर ने कहा बीजेपी के सांसदों और विधायकों को अब किसान गांवो में घुसने नहीं देंगे जबतक वे किसानों के साथ हो रहे अन्याय के बारे में नहीं बोलेंगे।


पंढेर ने अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब चार महीने पहले यह विधेयक कैबिनेट में पास हुआ था, तो उन्होंने तब इस्तीफा क्यों नहीं दिया? उन्होंने कहा अगर सुखबीर बादल और उनकी पार्टी खुद को किसनों का हितेषी कहती है तो उन्हें लाखों किसनों के साथ देश की संसद का घेराव करना चाहिए.

बता दे, केंद्र सरकार के कृषि बिलो के विरोध में पंजाब के किसान धरने पर बैठे हैं और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन जारी है. इस बीच शुक्रवार की सुबह मुक्तसर में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष प्रकाश सिंह बादल की कोठी के सामने धरने में बैठे एक किसान ने जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. जिसेक बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. किसान की पहचान 55 साल के प्रीतम सिंह के तौर पर हुई है जोकि मानसा जिले के अक्कांवली गांव का रहने वाला है.

दरअसल, जून माह में सरकार द्वारा लाये गए इन विधेयको को पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानो का लगातार विरोध झेलना पड़ रहा है।  चूँकि अकाली दल से हरसिमरत कौर बादल मोदी कैबिनेट में मंत्री थी और उन्होंने पहले कैबिनेट में इस विधेयक पर अपनी सहमति जताई थी, इसलिए पंजाब के किसान शिरोमणि अकाली दल के बेहद ख़फ़ा है।

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