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राष्ट्रपति कोविंद ने कहा- तिरंगे और गणतंत्र दिवस का अपमान दुर्भाग्यपूर्ण, पांच बातें

by GoNews Desk 3 months ago Views 1854

‘मेरी सरकार ने अभिव्यक्ति की आज़ादी और शांतिपूर्ण आंदोलनों का हमेशा सम्मान किया है लेकिन पिछले दिनों तिरंगे और गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र दिन का अपमान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।'

President Kovind said - Tricolor and Republic Day
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गणतंत्र दिवस के दिन लाल क़िले पर हुई घटना की निंदा की है। उन्होंने परेड के दौरान हुई हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि क़ानून लेकर पैदा हुए भ्रम को दूर करने की कोशिश सरकार कर रही है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संसद के बजट सत्र शुरु होने से पहले अपना अभिभषण दे रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कृषि क़ानून और किसान आंदोलन को लेकर क्या कहा ? पढ़िए पांच बातें...

‘सरकार ने तीन नए कृषि क़ानून….. लागू किए हैं। इन क़ानूनों के तहत दस करोड़ छोटे किसानों को लाभ मिलना शुरु हुआ है। छोटे किसानों को होने वाले इन लाभों को समझते हुए ही हर राजनीतिक दलों ने समय-समय पर इन बदलावों को अपना समर्थन दिया।’


‘देश के अलग-अलग फोरम पर, देश के हर क्षेत्र में दशकों से इन सुधारों की जो चर्चा चल रही थी और जो मांग थी उसपर सदन के दौरान भी चर्चा की गई। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट ने इन क़ानून के अमल पर रोक लगाया हुआ है और सरकार इस आदेश का सम्मान के साथ पालन करती है।’

‘लोकतंत्र और संविधान की मर्यादा को सर्वोपर रखने वाली मेरी सरकार इन क़ानूनों के संदर्भ में पैदा किए गए भ्रम को दूर करने का निरंतर प्रयास कर रही है।’

‘मेरी सरकार ने अभिव्यक्ति की आज़ादी और शांतिपूर्ण आंदोलनों का हमेशा सम्मान किया है लेकिन पिछले दिनों तिरंगे और गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र दिन का अपमान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। जो संविधान हमें अभिव्यक्ति की आज़ादी का अधिकार देता है वो ही संविधान हमें सिखाता है कि क़ानून और नियम का भी उतनी ही गंभीरता का पालन करना चाहिए।’

‘मेरी सरकार यह स्पष्ट करना चाहती कि नए क़ानून बनने से पहले पुरानी व्यवस्थाओं के तहत जो अधिकार था और जो सुविधाएं थीं उनमें कोई कमी नहीं की गई है। बल्कि इन सुधारों में किसानों को नई सुविधा देने के साथ-साथ नए अधिकार भी दिए हैं।’

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