कोविड महामारी से दुनियाभर में ग़रीबी का संकट गहराया, 3.7 करोड़ लोग ग़रीबी रेखा के नीचे पहुंचे

by M. Nuruddin 1 year ago Views 1811

Poverty crisis deepens in Covid pandemic; 37 milli
कोरोना महामारी की वजह से दुनिया के कई मुल्कों में भुखमरी और ग़रीबी के मोर्चे पर गंभीर संकट पैदा हो गई है। मंगलवार को जारी मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा जारी रिपोर्ट बताती है कि दुनियाभर में 3.7 करोड़ लोग भंयकर ग़रीबी की चपेट जा चुके हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि जहां पिछले 20 सालों से दुनिया में ग़रीबी कम हो रही थी, वो इस महामारी की वजह से फिर बढ़ना शुरु हो गया है।

मंगलवार को जारी ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़, ‘महामारी की वजह से 3.7 करोड़ लोग ग़रीबी रेखा के नीचे चले गए हैं। ये वो लोग हैं जिनकी रोज़ की कमाई महज़ 139.84 रूपये है। इनके अलावा निम्न-मध्यम आय वाले देशों में 6.8 करोड़ लोग ऐसे हैं जो कोविड महामारी की वजह से ग़रीबी की चपेट में आ गए हैं और इनके एक दिन की कमाई महज़ 242.87 रूपये है।’


यही नहीं ग़रीबी बढ़ने के अलावा भोजन की पहुंच बाधित हुई है और बच्चे और मातृ मृत्यु दर भी बढ़ी है। दुनियाभर में कोविड की वजह से पैदा हुई आर्थिक संकट की वजह से उपभोक्ताओं के पास भोजन खरीदने तक के पैसे नहीं हैं। यह इस बात का सबूत है कि छोटे पैमाने पर किसान और दुकानदारों की बिक्री घटी है और कमाई लगभग बंद हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड महामारी के अलावा पूर्वी अफ्रीका और दुनियाभर के कई देशों में टिड्डियों की घुसपैठ से भी खाद्य संकट पैदा हुआ है।’

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कोविड संक्रमण का सबसे बुरा प्रभाव महिलाओं पर पड़ा है। महामारी से बुनियादी स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है और प्रसव के पहले और बाद में महिलाओं को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवा बाधित हुई है जिससे महिलाओं की मौत तक हो जा रही है। ज़्यादातर मातृ मृत्यु गंभीर रक्तस्राव, संक्रमण और उच्च ब्लड प्रेशर की वजह से होती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रसव के दौरान मदद करने वाली अनुभवी नर्स और दाइयों को कोविड वार्ड में भेजा जा रहा है, यही वजह है कि मातृ मृत्यु दर में बढ़ोत्तरी हुई है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कोविड संक्रमण से सबसे ज़्यादा प्रभावित वो लोग हैं जो एचआईवी/एड्स और टीबी जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि टीबी के पहले से ही तीस लाख मरीज़ ऐसे थे जिनकी कोई पहचान नहीं थी और बिना इलाज के दूसरों में बीमारी फैला रहे थे। अब इस संख्या के और भी ज़्यादा बढ़ने की आशंका है।

हालांकि रिपोर्ट में यह कहा गया है कि दुनिया ने कोविड महामारी का डटकर मुक़ाबला किया है। अबतक कोविड संक्रमण को रोकने के लिए दुनियाभर में 18 ट्रिलियन डॉलर खर्चे गए हैं, यह इस बात का सबूत है कि दुनिया समझती है कि कोविड संकट कितनी गंभीर समस्या है।

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