पत्रकारों पर पुलिस बर्बरता, जम्मू-कश्मीर के डीजीपी ने जांच के आदेश दिए

by M. Nuruddin 10 months ago Views 1767

Police brutality on journalists, J&K DGP orders pr
श्रीनगर में मुहर्रम के जुलूस को कवर कर रहे पत्रकारों की पिटाई के मामले में जम्मू-कश्मीर के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, डीजीपी दिलबाग़ सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं। डीजीपी ने श्रीनगर के एसएसपी को दोषी पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के निर्देश दिए। जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक ट्वीट के मुताबिक़ डीजीपी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।

दरअसल मंगलावर को श्रीनगर के जहांगीर चौक पर फ्लाइओवर के पास शिया समुदाय मुहर्रम का जुलूस निकाल रहे थे। इस जुलूस को कवर करने के दौरान पुलिसकर्मियों ने मीडियाकर्मियों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग किया। एक फोटो जर्नलिस्ट सज्जाद हमीद ने आरोप लगाया कि जब वो अपना काम कर रहे थे, तब पुलिस ने उनके कैमरे का लेंस तोड़ दिया।


जुलूस को कवर करते हुए पुलिसकर्मियों द्वारा पिटाई की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए और कश्मीर प्रेस क्लब और कश्मीर प्रेस फोटोग्राफर एसोसिएशन समेत कश्मीर स्थित मीडिया संगठनों ने कड़ी निंदा की। कश्मीर प्रेस क्लब ने कहा कि शेरगारी पुलिस स्टेशन के पुलिस ने बिना किसी उकसावे के मीडियाकर्मियों की पिटाई की। साथ ही अधिकारियों को संबंधित पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की मांग की।

प्रेस क्लब ने दोहराया कि पुलिस अधिकारियों को संविधान के तहत प्रेस की स्वतंत्रता का सम्मान करने और दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की ज़रूरत है।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने इस घटना की निंदा की और ट्वीट किया, “जम्मू-कश्मीर पुलिस कर्मियों को श्रीनगर में पत्रकारों को बेरहमी से पीटते हुए देखना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। ये लोग तो बस अपना काम कर रहे थे - ख़बर छाप रहे थे। वे ख़बर नहीं बनाते हैं और वे कहानी बनाने के लिए घटनाओं को इंजीनियर नहीं करते हैं।’ उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के ट्विटर हैंडल को टैग कर, उनसे कार्रवाई की अपील की।

इस मामले में जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ति ने भी ट्वीट किया और कहा, ‘मीडिया अफगानिस्तान में मानव त्रासदी और सामने आए संकट पर बहस करने में घंटों बिता रहा है, लेकिन क्या वे कश्मीर में अपने कम्युनिटी के लिए बोलेंगे जिन्हें सुरक्षा बलों ने अपना काम करने के लिए आज पीटा?’

ग़ौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मंगलवार को श्रीनगर के लाल चौक पर मुहर्रम के जुलूस पर रोक लगा दी। इसके साथ ही कई शिया समुदाय के लोगों को जो शोक मना रहे थे, हिरासत में ले लिया गया।

इन्हें रोकने के लिए कई हिस्सों पर कॉन्सर्टिना के तार और बैरिकेड्स लगाए गए थे। पारंपरिक रूप से मुहर्रम की 8 तारीख को लाल चौक के आसपास के इलाकों में शिया समुदाय के लोग जुलूस निकालते हैं, जो डलगेट पर समाप्त होता है।

स्थानीय लोगों ने कहा कि कई लोगों को तब हिरासत में लिया गया जब उन्होंने लाल चौक की सड़कों पर बैरिकेड्स पार करने और जुटने की कोशिश की। एक शख्स पुलिस की गाड़ी के नीचे आ गया लेकिन शख्स सुरक्षित है।

जुलूस के दौरान कई लोगों के हाथ में तख्तियां थीं जिन पर इस्लामिक और ‘फ्री कश्मीर’ के नारे लिखे थे। पुलिस ने शोक मनाने वालों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया।

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