प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता में आई बड़ी गिरावट

by Siddharth Chaturvedi 5 months ago Views 1525

PM Narendra Modi’s popularity slips as Covid crisi
भारत के लोग जब कोरोना की दूसरी लहर से तबाह हैं और हर दिन हज़ारों की तादाद में मौतें हो रही हैं, ऐसे में कुछ ऐसे सर्वे सामने आए हैं जिनके नतीजे यह साफ़ साफ़ दर्शाते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता कम हो रही है।

मॉर्निंग कंसल्ट के 'ग्लोबल अप्रूवल रेटिंग' के मुताबिक ऐसा लग रहा है। वहीं एक दूसरे सर्वे में मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ पहली बार 50% के नीचे चला गया है।


नोटबंदी, नागरिकता कानून के ख़िलाफ़ देशव्यापी आंदोलन, पिछले साल के कठोर लॉकडाउन और तीन कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन तक को झेल जाने वाले प्रधानमंत्री मोदी की छवि को सबसे बड़ा झटका लगा है।

13 देशों के राष्ट्राध्यक्षों के अप्रूवल रेटिंग और डिसएप्रूवल रेटिंग को ट्रैक करने वाली मॉर्निंग कंसल्ट के 'ग्लोबल अप्रूवल रेटिंग' के हालिया आंकड़े दिखाते हैं कि अभी भी इन 13 देशों के नेताओं में सबसे ज़्यादा लोकप्रिय होने के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी की अप्रूवल रेटिंग में 1 अप्रैल से 11 मई के बीच 10% की कमी आई है। जहां 1 अप्रैल को उनकी अप्रूवल रेटिंग 73% थी वहीं 11 मई को यह लुढ़क कर 63% पर आ चुकी है। मोदी की अप्रूवल रेटिंग में 1 अप्रैल से 11 मई के बीच 10% की कमी आई है। उसी तरह उनके डिसएप्रूवल रेटिंग में 1 अप्रैल से 11 मई के बीच 10% का उछाल देखा गया है इसके बीच वह 21% से 31% तक पहुंच चुकी है।

सिर्फ मॉर्निंग कंसल्ट के अप्रूवल रेटिंग में ही नहीं बल्कि भारतीय पॉलस्टर ओरमैक्स मीडिया के द्वारा 23 राज्यों के शहरी मतदाताओं के बीच कराए जाने वाले सर्वे के आंकड़े दिखाते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी की अप्रूवल रेटिंग दूसरी लहर के पहले जहां 57% थी वही 11 मई तक यह 9% कम होकर 48% पर आ चुकी है। यह पहली दफा है जब प्रधानमंत्री मोदी की अप्रूवल रेटिंग ने 50% के नीचे डुबकी मारी है।

ओरमैक्स मीडिया का यह अप्रूवल रेटिंग ग्राफ बताता है कि भारत चीन टकराव और चीनी ऐप बैन करते समय जहां प्रधानमंत्री मोदी 69% अप्रूवल रेटिंग के साथ लोकप्रियता के शिखर पर थे ,आज उनकी सरकार द्वारा कोरोना के कुप्रबंधन और हर रोज 4000 से ज़्यादा मौतों के बीच अब उनकी अप्रूवल रेटिंग 48% तक आ पहुंची है।

असम तथा पुडुचेरी में जीत के बावजूद बंगाल चुनाव से लेकर उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव हो या देश के विभिन्न राज्यों में हुए उपचुनाव, बीजेपी का खराब प्रदर्शन लोगों के बीच शायद प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता पहले से कम होने का सबूत है।

यकीनन इन अप्रूवल रेटिंग एजेंसियों के आंकड़े लोकप्रियता को लेकर स्पष्ट ज़मीनी हालात बयां नहीं करते लेकिन लोगों का 'मूड' क्या है, यह ज़रूर बता देते हैं। वैसे ये अभी का मूड है। इसका भविष्य में कोई सियासी नतीजा होगा या नहीं, यह तो वक़्त ही बताएगा।

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