पहलू खान के आरोपियों के ख़िलाफ़ राजस्थान हाई कोर्ट ने जारी किया ज़मानत वॉरंट

by M. Nuruddin 9 months ago Views 1080

Pehlu Khan Lynching Case: Rajasthan High Court Iss
राजस्थान हाई कोर्ट ने सोमवार को पहलू खान लिंचिंग मामले में साल 2019 में बरी किए गए छह लोगों के ख़िलाफ़ ज़मानती वारंट जारी किया है। पहलू खान की साल 2017 में कथित गौरक्षकों द्वारा पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या गाय ट्रांसपोर्टिंग के दौरान गौतस्करी के आरोप में की गई थी।

हाई कोर्ट के जज जस्टिस गोवर्धन बर्धर और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने पीड़ित के बेटों इरशाद और आरिफ द्वारा दायर अपील को स्वीकार किया है। इस मामले में हाई कोर्ट ने निचली अदालत के आरोपियों को बरी करने के आदेश के ख़िलाफ़ राजस्थान सरकार की याचिका के साथ जोड़कर यह आदेश जारी किया है।


कोर्ट ने आदेश दिया है कि, “आरोपियों के ख़िलाफ़ इस अदालत के समक्ष अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए 10,000/- रुपये की ज़मानती वारंट जारी करें, जो आठ सप्ताह की अवधि के भीतर वापस करने योग्य होगा।”

पहलू खान के बेटों ने कोर्ट में बरी किए गए विपिन यादव, रवींद्र कुमार, कालूराम, दयानंद, योगेश और भीम सिंह के ख़िलाफ़ अपील दायर की है। मार्च 2020 में, दो अन्य आरोपियों को जुविनाइल जस्टिस बोर्ड ने दोषी ठहराया था, जबकि एक तीसरा, जो उस समय किशोर था, अभी भी फरार है। महत्वपूर्ण बात यह है कि, याचिका में दावा किया गया है कि घायल एक चश्मदीद गवाह हैं, जिन्होंने विशेष रूप से निचली अदालत द्वारा बरी किए गए “अभियुक्तों” के नाम लिए हैं।

दलील में यह भी कहा गया है कि पहलू खान को कई चोटें आई थीं और उन्हीं चोटों की वजह से उनकी मौत हो गई और साथ ही आरोपियों के पास से हथियार भी बारमद किए गए थे। याचिका में कहा गया है- सच यह है कि चश्मदीद गवाह की गवाही विश्वसनीय थी, बावजूद इसके निचली अदालत ने गवाही खारिज कर दी और आरोपियों को बरी कर दिया।

पहलू खान और उनके बेटे 1 अप्रैल, 2017 को जयपुर से हरियाणा के नूंह ज़िले की ओर जा रहे थे, जब गौरक्षकों ने उन्हें जयपुर-दिल्ली नेश्नल हाइवे पर बहरोड़ में रोक लिया। भीड़ ने गौ तस्करी के संदेह में उनकी पिटाई की और परिणामस्वरूप, खान की 3 अप्रैल को अलवर के एक अस्पताल में मौत हो गई।

इसके बाद मामले में दो एफआईआर दर्ज किए गए। एक पहलू खान को पीट-पीट कर मार डालने वाली भीड़ के खिलाफ और दूसरा  अवैध मवेशी तस्करी के आरोप में पहलू खान के बेटे और ट्रक चालक ख़िलाफ़। पहलू खान और उनके दो बेटों के खिलाफ गाय-तस्करी के आरोपों को राजस्थान हाई कोर्ट ने साल 2019 में खारिज कर दिया था।

ग़ौरतलब है कि साल 2019 में अतिरिक्त ज़िला न्यायधीश सरिता स्वामी ने जांच में कई विसंगतियों के दावे किए थे ताकि यह रास्ता साफ किया जा सके कि आरोपियों को संदेह का फायदा दिया जाना चाहिए। अदालत ने कहा था कि कैसे पहलू खान के बयान में आरोपियों का नाम नहीं लिया गया था, और पुलिस ने लिंचिंग के वीडियो को रिकॉर्ड करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन को जब्त नहीं किया था, और यही चार्जशीट का भी आधार था।

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