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कृषि क़ानूनों के मुद्दे पर विपक्ष करेगा राष्ट्रपति कोविंद के अभिभाषण का बहिष्कार

by M. Nuruddin 3 months ago Views 1774

संसद का बजट सत्र दो चरणों में होगा। सत्र का पहला चरण कल राष्ट्रपति कोविंद के अभिभाषण के साथ शुरू होगा और 15 फरवरी को खत्म होगा। दूसरा चरण 8 मार्च से 8 अप्रैल तक चलेगा।

Opposition will boycott President's address on the
कांग्रेस समेत 16 राजनीतिक दलों ने 29 जनवरी को संसद में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि ‘संसद से कृषि बिलों को बिना विपक्ष के ही पास किया गया था। हम कल राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करेंगे।’ राष्ट्रपति का अभिभाषण सरकार के एजेंडा और नीतियों का एक फ्रेमवर्क माना जाता है। ऐसा लगातार दूसरी बार है जब विपक्ष राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार कर रहा है।

सर्वसम्मति से जारी बयान में कहा गया है कि ‘किसान भाजपा सरकार द्वारा थोपे गए तीनों कृषि क़ानून का लगातार विरोध कर रहे हैं। पिछले 64 दिनों से ठिठुरती ठंड में अपने अधिकार और न्याय के लिए किसान दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर डटे हैं।’ बयान में कहा गया है कि अबतक 155 से ज़्यादा किसानों की मौत हो चुकी है और सरकार इस मसले का हल निकालने में विफल रही है। सरकार समर्थित कैंपेन के ज़रिए किसान आंदोलन को बदनाम करने की भी कोशिश की जा रही है।


बयान के मुताबिक़ बहिष्कार करने वालों में कांग्रेस के अलावा एनसीपी, जेकेएनसी, डीएमके, टीएमसी, शिव सेना, समाजवादी पार्टी, एरजेडी, सीपीआई (एम), सीपीआई, आईयूएमएल, आरएसपी, पीडीपी, एमडीएमके, केरल कांग्रेस (एम) और एआईयूडीएफ शामलि हैं। राज्यसभा में विपक्ष के नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने विपक्षी दलों की तरफ से एक बयान में कहा है कि वे राष्ट्रपति के अभिभाषण में शामिल नहीं होंगे।

उधर, आम आदमी पार्टी और अकाली दल ने भी राष्ट्रपति के अभिभाषण के बहिष्कार का ऐलान किया है। अकाली दल के नेता नरेश गुजराल ने कहा, ‘हमने किसानों की जायज़ मांगों के समर्थन में कल राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करने का फैसला किया है।’ अपने संसदीय क्षेत्र वायानड दौरे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘सच्चाई ये है कि ज़्यादातर किसान कृषि कानूनों को गहराई से नहीं समझते, अगर उन्हें इन कानूनों की पूरी समझ हो गई तो पूरे देश में उबाल आ जाएगा। पूरे देश में आग लग जाएगी।’

क्या है राष्ट्रपति का अभिभाषण ?

संविधान के अनुच्छेद 87 में कहा गया है कि आम चुनाव के बाद सत्र की शुरुआत में जब सदन की पहली बैठक होगी तो राष्ट्रपति लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों के सदस्यों को संबोधित करेंगे। इनके अलावा हर सत्र की शुरुआत से पहले राष्ट्रपति के अभिभाषण का प्रावधान है। राष्ट्रपति के अभिभाषण में सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं और आने वाले वर्ष की योजनाओं का अनिवार्य रूप से ज़िक्र होता है।

पहले भी अभिभाषण का बहिष्कार

ऐसा लगातार दूसरी बार है जब राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार होगा। पिछले साल नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ विरोध-प्रदर्शन के दौरान बीएसपी को छोड़कर सभी विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार किया था। तब विपक्ष ने अंबेडकर प्रतिमा के सामने खड़े होकर संविधान के प्रस्तावना का पाठ किया था।

संसद का बजट सत्र दो चरणों में होगा। सत्र का पहला चरण कल राष्ट्रपति कोविंद के अभिभाषण के साथ शुरू होगा और 15 फरवरी को खत्म होगा। दूसरा चरण 8 मार्च से 8 अप्रैल तक चलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद में आम बजट पेश करेंगी।

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