कोरोना महामारी से लड़ने के लिए 1.7 लाख करोड़ का पैकेज, क्या है मदद के मायने ?

by M. Nuruddin 2 years ago Views 2193

1.7 lakh crore package to fight the corona epidemi
कोरोनावायरस महामारी से लड़ने के लिए केन्द्र सरकार ने राहत पैकेज की घोषणा कर दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक लाख 70 हज़ार करोड़ रूपये राहत राशी की घोषणा की है। वित्त मंत्री ने पीएम अन्न योजना के तहत ग़रीबों को अगले तीन महीने तक पांच किलो चावल या गेहूं और एक किलो दाल दिए जाने का ऐलान किया है। ये पीडीएस के तहत मिलने वाले लाभ के इतर होगा। 

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधी के तहत सालाना 6000 रूपये दिए जाते हैं, जिनमें अप्रैल के पहले हफ्ते में 2000 रूपये की किश्त खाते में ट्रांसफर की जाएगी। मनरेगा के तहत मज़दूरों को प्रति दिन 182 रूपये मज़दूरी के बदले 202 रूपये दिए जाएंगे। बुज़ुर्गों, विकलांगों और विधवाओं को एक हज़ार रूपये की अनुग्रह राशी दो किश्तों में दिए जाएंगे। इस स्कीम के तहत तीन करोड़ लोग लाभार्थी हैं।


महिलाओं के जन धन खाते में 500 रूपये की अनुग्रह राशी अगले तीन महीने तक डाले जाएंगे। इसका तीन करोड़ महिलाओं को लाभ होगा। पीएम उज्जवला योजना के तहत अगले तीन महीने तक आठ करोड़ बीपीएल धारकों को मुफ्त रसोई गैस मुहैया की जाएगी। महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप को बिना कोलेट्रल के 10 लाख रूपये तक का लोन मिल सकेगा। 

इसका अलावा ईपीएफ के नियमों में बदलाव किया गया है। अगले तीन महीने तक 15000 से कम तनख्वाह वाले कर्मचारियों को पीएफ सरकार देगी। इसका लाभ उन्हें मिलेगा, जिन कंपनियों में 100 से कम कर्मचारी काम करते हैं। और 80 लाख कर्मचारियों के लिए ईपीएफओ रेगुलेशन में संशोधन की जाएगी।

बता दें कि देशभर में 3.5 करोड़ कंस्ट्रक्शन वर्कर हैं जिनके लिए सरकार के पास 31,000 करोड़ रूपये जमा है। इसके लिए केन्द्र और राज्य सरकारों के बीच चर्चा के बाद लाभार्थयों तक लाभ पहुंचाया जाएगा।

बता दें कि आज ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केन्द्र सरकार से राहत पैकेज की मांग की थी। सरकार द्वारा घोषित राहत पैकेज को यदि सभी भरतीयों में बांट दिया जाए तो यह प्रति व्यक्ति 1300 रूपये से भी कम बैठता है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि भारत में 82 फीसदी पुरूष और 92 फीसदी महिलाएं महीने में 10,000 रूपये से कम कमाते हैं।

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