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आंध्र में अज्ञात बीमारी से एक की मौत, 550 से ज्यादा बीमार, दूषित पानी हो सकता है कारण

by M. Nuruddin 5 months ago Views 791

इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, एलुरु नगर निगम, राजस्व विभाग के अधिकारी और वैज्ञानिकों की एक टीम बनाई गई है। यह टीम पानी के दूषित होने के स्त्रोतों का पता लगा रही है।

One dies from unknown disease in Andhra, more than
आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी ज़िले के एलुरु इलाक़े में एक अज्ञात बीमारी की चपेट में अब तक 550 से ज़्यादा लोग आ चुके हैं। इस बीमारी की वजह से एक 45 वर्षीय शख़्स की जान चली गई है। ख़बरों के मुताबिक़ इस बीमारी से ठीक हो चुके 6 लोगों को फिर से अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।

इस बीमारी के जी मिचलाने और चक्कर खाकर बेहोश होने जैसे लक्षण देखे गए हैं। बीमार हुए लोगों के खून में लेड और निकल जैसे ख़तरनाक धातु पाये गये हैं जिसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है।


ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एसोसिएशन (एम्स) के डॉक्टरों ने ऐसे मरीज़ों के खून के सैंपल की जांच की थी। एम्स की इस रिपोर्ट के बाद राज्य के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने अधिकारियों को इस बारे में कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।

उन्होंने अधिकारियों से लोगों के शरीर में लेड और निकल के कण कैसे पहुंचे, इस पर पूरी जानकारी के साथ एक रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय डॉक्टरों को भी इस बीमारी की ठीक से जांच पड़ताल करने के निर्देश दिए।

आंध्र प्रदेश के सीएम ऑफिस के मुताबिक़ इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी भी इसकी जांच कर रही है, जिसका परिणाम आना बाकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ शनिवार रात से यह बीमारी फैल रही है। बताया जा रहा है कि मरीज़ों में मिर्गी का दौरा, याददाश्त खोना, घबराहट, उल्टी, बेहोश होने, सिरदर्द और कमरदर्द की शिकायत देखी जा रही है। हालांकि मरीज़ कुछ स्वास्थ्य सेवाओं के बाद ठीक हो जा रहे हैं।

बुधवार सुबह तक 556 मरीज़ों में 458 मरीज़ ठीक हो गए और 98 मरीज़ एक्टिव हैं। बताया गया कि ज़्यादातर 12 साल से ज़्यादा उम्र के लोग इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। जबकि 12 साल से कम उम्र के 45 बच्चे भी इस बीमारी का शिकार हुए हैं।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ए.के श्रीनिवास ने बताया कि मरीज़ों के खून के सैंपल में किसी भी तरह के वायरस का प्रमाण नहीं मिला है। उन्होंने गंदे पानी या वायु प्रदूषण की वजह से लोगों के बीमार पड़ने की संभावना से इंकार किया है।

स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक़ एलुरु को दो नहरों से पानी मिलता है जिसमें एक नहर खेतों और कृषि क्षेत्रों से होकर गुज़रती है। उन्होंने कहा कि ऐसी संभावना है कि खेती में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशकों की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री का कहना है, ‘यह कुछ रहस्यमयी बीमारी की तरह है। लैब में जांच-पड़ताल के बाद ही पता चलेगा कि इस बीमारी की असल वजह क्या है।’

राज्य सरकार ने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, एलुरु नगर निगम, राजस्व विभाग के अधिकारी और वैज्ञानिकों की एक टीम बनाई है। यह टीम पानी के दूषित होने के स्त्रोतों का पता लगा रही है।

इस अज्ञात बीमारी का पता लगाने के लिए हैदराबाद स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन ने भी सैंपल एकत्रित किए हैं। इंस्टीट्यूट में क्लिनिकल एपिडमियोलॉजी डिविज़न के प्रमुख डॉ जे.जे बाबू गद्दाम (Dr J J Babu Geddam) ने बताया, ‘हमने अस्पताल और उन इलाक़ों से जहां बीमारी फैल रही है, बायोलॉजिकल सैंपल इकट्ठा किया है। हमने बीमार हुए कुछ मरीज़ों के खाने और पानी का भी सैंपल इकट्ठा किया। इसकी जांच के बाद गुरुवार या शुक्रवार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।’

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