ऑमिक्रॉन: भारत में अलर्ट; केंद्र की गाइडलाइन, कोविड टेस्ट से लेकर क्वारींटीन नियमों में बदलाव

by Sarfaroshi 6 months ago Views 1880

Center's guideline

दक्षिण अफ्रीका में पाया गया नया कोविड वेरिएंट ऑमिक्रॉन 15 देशों में फैल चुका है। भारत भी वेरिएंट के संभावित खतरे के चलते अलर्ट पर आ गया है। केंद्र सरकार ने सोमवार को अंतराष्ट्रीय यात्रा कर भारत लौटे लोगों के लिए रिवाइज्ड कोविड गाइडलाइन जारी की है। इसमें निरंतर कोविड टेस्ट से लेकर सख्त क्वारांटीन को शामिल किया गया है। केंद्र ने पहले राज्यों से भी सीमा में प्रवेश कर रहे यात्रियों की टेस्टिंग और दूसरे कदम उठाने के लिए कहा था। 

यह हैं नए नियम

अंतराष्ट्रीय यात्रा कर लौटे लोगों को एयरपोर्ट पर ही Self-Declaration फॉर्म भरना होगा। इसके साथ एक नेगेटिव RT-PCR रिपोर्ट अटैच होनी चाहिए। किसी एक शर्त के भी पूरे न होने पर भारत में एंट्री नहीं दी जाएगी। 

भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को एक नोटिस जारी कर ब्राजील, न्यूजीलैंड, बोत्सवाना, द. अफ्रीका, ब्रिटेन, यूरोप और इजरायल जैसे देशों को ‘रिस्क कंट्री’ में रखा है। इनमें से कई देशों में कोरोना का नया रूप पाया गया है। केंद्र की जारी नई गाइडलाइन के मुताबिक इन देशों से आने वाले लोगों को हवाईअड्डे पर अपना सैंपल RT-PCR के लिए देना होगा। किसी सैंपल के कोविड संक्रमित पाए जाने पर उसे जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाएगा।

अगर टेस्ट में ‘ऑमिक्रॉन’ वेरिएंट की पुष्टि होती है तो सख्त क्वारींटीन नियम लागू होंगे। रिस्क श्रेणी के देशों से आऩे वाले लोग जो कि कोविड नेगेटिव पाए जाएंगे, उन्हें सात दिनों तक आइसोलेशन में रहना होगा और फिर 8वें दिन उनका कोविड टेस्ट किया जाएगा। 

वह लोग जो ‘रिस्क’ से बाहर वाले देशों से आ रहे हैं, उनके रैंडम RT-PCR टैस्ट होंगे हालांकि अगर इनमें कोई पॉजिटिव पाया गया तो उनके सैंपल की जिनोम सीक्वेंसिंग होगी।  

वह लोग जो ‘रिस्क’ से बाहर वाले देशों से आ रहे हैं और जिनका कोविड टेस्ट नेगेटिव होगा, उन्हें अपनी आप को कम से कम दो हफ्तों तक कड़ी निगरानी करने सलाह दी गई है। यह वह नियम हैं जो कि टीकाकृत और गैर टीकाकृत लोगों दोनों पर समान रूप से लागू हैं। 

राज्यों ने भी बदले नियम

अभी बताए गए नियम वह हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर लागू किए गए हैं। इससे पहले केंद्र की चेतावनी पर गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों ने अपने स्तर पर भी नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। 

गुजरातः वह देश जिन्हें केंद्र ने रिस्क की श्रेणी में रखा है, इनसे यात्रा कर लौटे लोगों में से जो पूर्ण टीकाकृत नहीं हैं, उन्हें कोविड टेस्ट कराना होगा। जो लोग वैक्सीनेटेड हैं, इनकी स्क्रीनिंग की जाएगी और कोई कोविड सिम्टम न दिखने पर इन्हें राज्य में एंट्री दी जाएगी। 

उत्तर प्रदेशः यूपी के स्वास्थ्य विभाग ने सीएमओ से रिस्क कंट्री से आ रहे लोगों की निगरानी करने के लिए कहा है। विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की हैं जिसमें कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर बल दिया गया है।

महाराष्ट्रः महाराष्ट्र में आ रहे अंतराष्ट्रीय यात्रियों कों केंद्र की गाइडलाइन फॉलो करनी होगी जबकि डोमेस्टिक यात्रियों को राज्य में एंट्री के लिए या तो 72 घंटे पुरानी RT-PCR रिपोर्ट रखनी होगी या फिर पूर्ण टीकाकृत होना ज़रूरी है।  

कर्नाटकः कर्नाटक में आ रहे अंतराष्ट्रीय यात्रियों को अनिवार्य कोविड टेस्ट कराना होगा और इन्हें तभी हवाईअड्डे से जाने दिया जाएगा जब उनकी जांच रिपोर्ट नेगेटिव होगी। 

केरलः केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि अंतराष्ट्रीय यात्रा से लौटे लोगों पर सात दिनों तक सख्त निगरानी की जाएगी। ऑमिक्रॉन वेरिएंट से प्रभावित देशों की यात्रा से लौटे लोगों को एयरपोर्ट पर टेस्ट से गुजरना होगा। पॉजिटिव यात्री क्वारींटीन होंगे। 

राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर नई गाइडलाइन जारी होने के बीच केंद्र सरकार रेग्यूलर अंतराष्ट्रीय फ्लाइट फिर से शुरू करने के अपने फैसले की समीक्षा कर रहा है। सरकार का एक पैनल ‘वैश्विक स्थितियों’ को देखते हुए, अंतराष्ट्रीय उड़ानों को रज़मंदी देने की प्रभावी तारीख पर बैठक करेगा।

पहले केंद्र ने आम अंतराष्ट्रीय उड़ानों को 15 दिसंबर से फिर से शुरू करने का ऐलान किया था। अब तक भारत से यात्री 31 देशों के साथ एयर बबल समझौते के तहत यात्रा कर रहे हैं जबकि कुछ चुनिंदा मार्गों पर हालातों के मद्देनज़र कमर्शियल फ्लाइट ऑपरेट हो रही हैं।

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