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फ़ेसबुक पोस्ट के लिए किसी को देश के एक कोने से दूसरे कोने तक घसीटा नहीं जा सकता-सुप्रीम कोर्ट

by GoNews Desk 6 months ago Views 1295

No one can be dragged from one corner of the count
सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार को फटकारा, कहा-सीमा रेखा पार मत कीजिए!

सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया पोस्ट पर विभिन्न राज्यों में मुकदमे दर्ज करने को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि नागरिकों को देश के एक कोने से दूसरे कोने तक घसीटने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। यह चेतावनी पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से दिल्ली के एक व्यक्ति के ख़िलाफ़ जारी समन के मसले पर आयी है जिसमें उसने सोशल मीडिया पर लॉकडाउन नियमों को लागू नहीं करने की आलोचना की थी।


इस मसले पर कड़ा रुख  अख़्तियार करते हुए जस्टिस डी.वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की खंडपीठ ने कहा कि 'सीमा रेखा पार मत करिए। भारत को आज़ाद ही रहने दीजिए। हम, सुप्रीम कोर्ट होने के नाते यहां पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हैं।  संविधान द्वारा सुप्रीम कोर्ट इसलिए बनाया गया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि राज्य किसी आम नागरिक को परेशान न करे।'

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, " अगर कोई आम नागरिक किसी सरकार के ख़िलाफ़ कुछ लिखता या बोलता है तो क्या राज्य उस पर केस दर्ज करेंगे? कल को कोलकाता, चंडीगढ़ या मणिपुर की पुलिस देश के हर हिस्से में समन भेजने लग जायेगी।  बोलने की आज़ादी के लिए सबक सिखायेंगे। यह एक ख़तरनाक ट्रेंड है।  न्यायालयों को आगे बढ़कर मौलिक अधिकारों की रक्षा करनी होगी जो कि संविधान के आर्टिकल 19(1) Aके तहत हर नागरिक को मिला हुआ है।"

दरअसल, दिल्ली की 29 साल की रोशनी विश्वास ने कोलकाता के राजा बाज़ार इलाके़ में लॉकाडाउन की धज्जियाँ उड़ाये जाने के लिए सोशल मीडिया पर ममता सरकार की आलोचना की थी। पुलिस ने मामला दर्ज किया और कलकत्ता हाईकोर्ट ने रोशनी को कोलकाता पुलिस के सामने पेश होने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के इस फ़ैसले पर रोक लगाते हुए कहा कि यह देश के किसी नागरिक के अभिव्यक्ति की आज़ादी के अधिकार को धमकाने जैसा है। कोई भी राज्य किसी नागरिक के ख़िलाफ़ इसलिए केस नहीं चला सकता क्योंकि उसने सरकार की आलोचना की है।

कोलकाता पुलिस ने महिला के खिलाफ विशेष समुदाय को लेकर नफरत फैलाने का आरोप लगाया है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा कि पूछताछ करनी है तो दिल्ली आकर कीजिए। एक फेसबुक पोस्ट के लिए नागरिक को यहाँ से वहाँ घुमाया नहीं जा सकता।

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