‘एनएसओ के साथ कोई लेन-देन नहीं’: पेगासस जासूसी मामले पर रक्षा मंत्रालय

by Sarfaroshi 11 months ago Views 2071

पेगासस जासूसी मामले में बीते दिन केंद्रीय रक्षा मंत्रालय द्वारा बयान जारी किया गया है. रक्षा मंत्रालय की तरफ से संसद में कहा गया कि स्पाईवेयर बनाने वाली कंपनी एनएसओ ग्रुप के साथ भारत ने कोई लेन-देन नहीं किया है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) से राज्यसभा सदस्य वी शिवदासन के सवाल के जवाब में राज्य रक्षा मंत्री अजय भट्ट ने कहा, “रक्षा मंत्रालय का एनएसओ ग्रुप टेक्नोलॉजी  के साथ कोई लेन-देन नहीं हुआ है.”

शिवदासन ने राज्यसभा में सवाल किया था कि क्या एनएसओ ग्रुप के साथ रक्षा मंत्रालय ने किसी तरह का लेन देन किया. उन्होंने इसके अलावा मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां भी मांगी थी. ये पेगासस मामले पर किसी सरकारी एजेंसी की तरफ से पहली औपचारिक प्रतिक्रिया मानी जा रही है. 

बता दें कि पिछले महीने एक अंतराष्ट्रीय मीडिया समूह ने खुलासा किया था कि इस इजरायली स्पाईवेयर से कई देशों के हज़ारों फोन की जासूसी की गई थी. रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पेगासस से भारत में भी पत्रकार, विपक्ष और केंद्रीय मंत्री, कार्यकर्ता और जजों समेत 300 लोगों के मोबईल फोन हो सकता है कि हैक किए गए हों.

इस खुलासे के बाद इस स्पाईवेयर को बनाने वाली कंपनी ने कहा था कि पेगासस का इस्तेमाल सिर्फ सरकारी एजेंसी ही कर सकती हैं वहीं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने जुलाई में कहा था कि ऐसी कोई भी "अनधिकृत निगरानी" नहीं हुई है.
 
बता दें कि सरकार की तरफ से इस मामले में अभी तक जांच के आदेश नहीं दिए गए हैं जबकि विपक्ष द्वारा लगातार पेगासस मामले पर संसद में चर्चा और जांच किए जाने की मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट भी पेगासस जासूसी मामले में कई जांच की मांग की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है.

इन सब तमाम बातों के बीच चिंता का विषय यह है कि एक तरफ़ स्पाईवेयर को बनाने वाली कंपनी का कहना है कि पेगासस का इस्तेमाल सिर्फ सरकारी एजेंसी ही कर सकती है और तमाम रिपोर्ट भी यह दर्शाती हैं कि भारत में जासूसी हुई है। पर इस बीच सरकार की तरफ़ से दिया बयान और सवाल पैदा कर देता है कि अगर भारतीय सरकार का उस कंपनी से कोई लेन दें नहीं हुआ तो क्या सही में भारत में जासूसी हुई? और अगर हुई तो उसमें किसका हाथ है?

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