"किसान आंदोलन का प्रतिकूल प्रभाव" एनएचआरसी ने केन्द्र समेत इन राज्यों को भेजा नोटिस

by GoNews Desk 1 day ago Views 458

NHRC sent notices to these states including the Ce
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग या एनएचआरसी ने केन्द्र और दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकार को नोटिस जारी किया है। इसमें एनएचआरसी ने राज्यों की सीमा पर जारी किसान आंदोलन को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि किसान आंदोलन के “प्रतिकूल प्रभाव” को लेकर औद्योगिक इकाइयों और परिवहन इकाइयों के शिकायत मिली हैं। 

नोटिस में कहा गया है, ‘राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को चल रहे किसान आंदोलन के संबंध में कई शिकायतें मिली हैं। आंदोलन पर 9000 से ज़्यादा सूक्ष्म, मध्यम और बड़ी कंपनियों को गंभीर रूप से प्रभावित करने और औद्योगिक इकाइयों पर प्रतिकूल प्रभाव के आरोप हैं। कथित तौर पर, परिवहन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे यात्रियों, रोगियों, शारीरिक रूप से विकलांग लोगों और वरिष्ठ नागरिकों को सड़कों पर भारी भीड़ की वजह से नुकसान उठाना पड़ता है।’


नोटिस में कहा गया है, ‘सीमाओं पर बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। ऐसी भी ख़बरें हैं कि किसानों के आंदोलन की वजह से लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।’ एनएचआरसी ने इस कथित संबंध में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान सरकार के मुख्य सचिवों, दिल्ली सरकार और केन्द्र सरकार को नोटिस भेजा है। 

इनके अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के डायरेक्टर जनरल और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी किया है और कथित संबंधित मामले में कार्रवाई को लेकर एक रिपोर्ट सबमिट करने को कहा है। 

एनएचआरसी की वेबसाइट पर जारी नोटिस के मुताबिक़, ‘आरोप है कि धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे किसानों द्वारा कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया जा रहा है। आगे आरोप है कि मार्ग की नाकाबंदी की वजह से लोगो को अपने घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। चूंकि आंदोलन में मानवाधिकारों का मुद्दा शामिल है जबकि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के अधिकार का भी सम्मान किया जाना चाहिए। आयोग को विभिन्न मानवाधिकार मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।’

एनएचआरसी ने झज्जर के ज़िला अधिकारी को भी नोटिस भेजा है और कहा है कि ‘धरना स्थल पर मानवाधिकार कार्यकर्ता के साथ कथित सामूहिक बलात्कार के मामले में डीएम झज्जर से मृतक के परिवार को मुआवजे के भुगतान के संबंध में कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई। डीएम झज्जर को 10 अक्टूबर, 2021 तक रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक नया अनुस्मारक जारी किया गया था।’

ग़ौरतलब है कि पिछले दस महीने से आंदोलन जारी है और केन्द्र सरकार किसानों से बातचीत विफल रही है। इस बीच 400 से ज़्यादा किसानों की मौत हो गई है। हाल ही में हरियाणा के करनाल में प्रदर्शन के दौरान एक किसान की मौत हो गई थी, जिसके बाद किसानों ने करनाल में सरकारी मुख्यालय को घेर लिया था। 

यहां किसानों की प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने के आदेश देने वाले पूर्व एसडीएम पर कार्रवाई समेत चार मांगें थी जिसे प्रशासन ने स्वीकार किया था। इसे किसानों ने अपने लिए बड़ी जीत बताई और वे लगातार यह कहते रहे हैं कि सरकार बातचीत के लिए बुलाए तो वे बातचीत में ज़रूरी शामिल होंगे।

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