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नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पड़पोते ने नागरिकता क़ानून पर मोर्चा खोला, सरकार की नीयत पर सवाल उठाए

by Rahul Gautam 1 year ago Views 1896

Netaji Subhash Chandra Bose's great-grandson opene
बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा पश्चिम बंगाल में नागरिकता क़ानून के समर्थन में रैली की. लेकिन इसके ठीक बाद बंगाल बीजेपी के उपाध्यक्ष और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पड़पोते चंद्र कुमार बोस ने इस क़ानून पर अपनी ही सरकार को घेर लिया, उन्होंने इस क़ानून के ख़िलाफ़ कई ट्वीट किए.

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पड़पोते और बंगाल बीजेपी के उपाध्यक्ष चंद्र कुमार बोस ने अपनी ही सरकार के बनाए नागरिकता कानून पर सवाल उठा दिए हैं. उन्होंने बारी-बारी से कई ट्वीट करके अपनी सरकार से पूछा,


‘अगर नागरिकता संशोधन क़ानून किसी धर्म से जुड़ा हुआ मामला नहीं है तो फिर इसमें सिर्फ हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, पारसी और जैन का ज़िक्र क्यों है? इसमें मुसलमान शामिल क्यों नहीं हैं? हमें पारदर्शी होना चाहिए.’

उन्होंने अगले ट्वीट में पूछा, ‘भारत की तुलना किसी दूसरे देश से न करें. हमारे देश सभी धर्मों और समुदायों के लिए है.’

अपने तीसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘अगर मुसलमानों का उनके देश में उत्पीड़न नहीं होता है तो वे यहां नहीं आएंगे. ऐसे में उनको इस क़ानून में शामिल करने में कोई समस्या नहीं है. हालांकि यह सच नहीं है. पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में रहने वाले बलूचों के बारे में क्या कहेंगे. पाकिस्तान में रहने वाले अहमदिया समुदाय के बारे में क्या कहेंगे?’

चंद्र कुमार बोस ने नागरिकता क़ानून पर सवाल उस वक़्त उठाए हैं जब बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा की अगुवाई में पार्टी ने नागिरकता क़ानून के समर्थन में एक बड़ी रैली की है. मगर ठीक उसी वक़्त बंगाल बीजेपी के ही एक बड़े नेता का इस तरह मोर्चा खोलना बीजेपी के लिए शर्मिंदगी का सबब है.

यहां यह जानना ज़रूरी है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आज़ाद हिन्द फ़ौज के प्रमुख कमांडरों में मोहम्मद ज़मान कियानी और शाहनवाज़ ख़ान जैसे मुसलमान शामिल थे. इनके अलावा आज़ाद हिंद फौज में हज़ारों मुसलमानों ने जुड़कर जंग-ए-आज़ादी में हिस्सा लिया था.

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