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एमपी: अल्पसंख्यकों पर पुलिसिया बर्बरता जारी, अब एक सिख को पुलिसवालों ने मारा

by Ankush Choubey 1 month ago Views 1826
MP: Police brutality continues on minorities, now
मध्य प्रदेश के बड़वानी ज़िले में सिख समुदाय के एक शख़्स की बेहरहमी से पिटाई करने का वीडियो वायरल होने के बाद शिवराज सरकार और पुलिस की किरकिरी हो रही है. वायरल वीडियो में जिस शख़्स को पुलिसकर्मी बाल पकड़कर घसीट रहे हैं, उसकी शिनाख़्त प्रेम सिंह ग्रंथी के रूप में हुई है. बीजेपी के सहयोगी संगठन शिरोमणी अकाली दल समेत तमाम संगठनों की ओर से आवाज़ उठाने के बाद दो पुलिसवालों सीताराम भटनागर और मोहन जामरे को सस्पेंड कर दिया गया है.

यह मारपीट बड़वानी के राजपुर तहसील में हुई है. यहां चाय का ठेला लगाने को लेकर पुलिस और प्रेम सिंह ग्रंथी के बीच बहस शुरू होकर मारपीट में बदल गई. वायरल वीडियो में प्रेम सिंह ख़ुद को बचाने की गुहार लगा रहे हैं जबकि पुलिस उनके बाल पकड़कर खींचते हुए ले जा रही है.

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बड़वानी के पुलिस अधीक्षक ने निमीष अग्रवाल का दावा है कि प्रेम सिंह पर पहले से चोरी के तीन मुक़दमे क़ायम हैं. मारपीट के वक़्त वह शराब के नशे में था और जब उससे दुकान लगाने का लाइसेंस मांगा गया तो उसने हंगामा किया. वहीं प्रेम सिंह का आरोप है कि चाय का ठेला लगाने को लेकर उससे रिश्वत मांगी गई और मना करने पर पुलिसवालों ने मारपीट की.

मध्य प्रदेश के पू्र्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वायरल वीडियो ट्वीट करते हुए कहा, ‘यह अत्याचार और गुंडागर्दी सिख धर्म की पवित्र धार्मिक परंपराओं का भी अपमान है. ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जा सकती हैं. मैं सरकार से मांग करता हूं कि तत्काल दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो.

अकाली दल की नेता और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने भी वीडियो ट्वीट किया. उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से कार्रवाई की मांग की. चारों तरफ प्रदेश की बीजेपी सरकार की किरकिरी होने के बाद मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दो पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया. उन्होंने कहा कि बड़वानी में एएसआई सीताराम भटनागर और हेड कांस्टेबल मोहन जामरे को सिख बन्धुओं के साथ किये गए अमानवीय व्यवहार के लिए तुरंत निलंबित किया गया है. सिखों के साथ ऐसी बर्बरता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.  मामले की जाँच इंदौर आईजी द्वारा की जाएगी और इनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी.

हालांकि मध्यप्रदेश में दलितों और अल्पसंख्यकों पर पुलिसिया बर्बरता के मामले बार-बार सामने आ रहे हैं. पिछले दिनों गुना में एक दलित किसान परिवार के साथ मारपीट करने पर एमपी पुलिस को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी थी. वहीं देवास में पुलिसिया उत्पीड़न से तंग एक मुस्लिम महिला सायरा ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर ख़ुदकुशी की कोशिश की थी.