मोदी 'तानाशाह' नहीं, अमित शाह के बयान का अमेरिकी टेनिस दिग्गज ने बनाया मज़ाक

by M. Nuruddin 8 months ago Views 2113

हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह के फीडबैक आम हैं। ट्विटर पर ही लोग कहते हैं कि ऐसे फीडबैक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए “शर्मिंदगी” की बात है...

Modi is not a 'dictator', Amit Shah's claim that A
गृह मंत्री अमित शाह के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक “लोकतांत्रिक नेता” बताने का टेनिस की दिग्गज मार्टिना नवरातिलोवा ने मज़ाक बनाया है। अंतराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए इस तरह के फीडबैक से दक्षिणपंथी समूंह को तक़लीफ होना तय है।

टेनिस खिलाड़ी नवरातिलोवा एक अंग्रेज़ी दैनिक की ख़बर को ट्वीट करते हुए लिखा , ‘And For My Next Joke’ यानि ‘तो पेश है मेरा अगला जोक।’ अंग्रेज़ी दैनिक हिंदुस्तान टाइम्स ने अमित शाह के प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक कार्यकाल में 20 साल पूरे होने पर संसद टीवी को दिए इंटरव्यू पर ख़बर प्रकाशित की थी, जिसे इस कैप्शन के साथ टेनिस खिलाड़ी ने रीट्वीट किया है।


“केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक 'तानाशाह' नहीं है, बल्कि वो एक लोकतांत्रिक नेता हैं जो अबतक के इतिहास में देश को मिला है।“…।

मार्टिना नवरातिलोवा अमेरिका की पूर्व पेशेवर टेनिस खिलाड़ी और कोच हैं। उनके इस ट्वीट पर कई रिक्कशंस भी आए हैं। एक यूज़र ने ट्वीट किया “चलो इसी बहाने इसके फॉलोवर्स बढ़ जाएंगे।”

लेकिन इसके जवाब में एक अन्य यूज़र ने इस ट्वीट का मज़ाक बनाया और नवरातिलोवा के समर्थन में लिखा, ‘उन्होंने कुल 59 प्रमुख खिताबों के लिए 18 ग्रैंड स्लैम एकल खिताब, 31 प्रमुख महिला युगल खिताब और 10 प्रमुख मिश्रित युगल खिताब जीते हैं, जो एक एकल खिलाड़ी द्वारा जीते गए सबसे ग्रैंड स्लैम खिताब के लिए ओपन एरा रिकॉर्ड को चिह्नित करता है।”

एक अन्य यूज़र ने ट्वीट किया, ‘उन्होंने यह कहा और भक्त पूछ रहे हैं कि वह भारत के बारे में कितना जानती है। वास्तविक प्रश्न, लेकिन क्या होता अगर उन्होंने उनके समर्थन में ट्वीट किया होता ?  स्क्रीमनशॉट अब तक देश के कोने-कोने में पहुंच चुका होता।” इसी तरह कई यूज़र्स ने उनके समर्थन में तो कई ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए उनके इस फीडबैक की आलोचना की।


यह पहली बार नहीं है जब नवरातिलोवा ने भारत में घटनाक्रम को लेकर प्रतिक्रिया दी है। इससे पहले साल 2016 में उन्होंने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्रों पर हुई कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी और एक लेख साझा किया था। उन्होंने तब ट्विटर पर लिखा था “अब बोलने का समय आ गया है।”

इनके अलावा उन्होंने 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच “मित्रता” का भी मज़ाक बनाया था। उन्होंने कहा था, “सच्चाई यह है कि सत्ता में बैठे लोग, जैसे मोदी और ट्रम्प, सच्चाई को जितना संभव हो उतना दबाने की कोशिश कर रहे हैं, अगर वह सच्चाई उनके राजनीतिक उद्देश्य के अनुरूप नहीं है।”

हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह के फीडबैक आम हैं। ट्विटर पर ही लोग कहते हैं कि ऐसे फीडबैक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए “शर्मिंदगी” की बात है।

हाल ही में किसानों के ख़िलाफ़ हुई कार्रवाई पर दुनिया के कई सेलेब्रिटी और स्टार्स ने मोदी सरकार की आलोचना की थी। यह सब तब हुआ जब एक Barbadian सिंगर और एक्ट्रेस Rihanna ने एक लेख साझा करते हुए ट्वीट किया “हम इसके बारे में बात क्यों नहीं कर रहे ?”

इसके बाद भारतीय बॉलिवुड स्टार से लेकर सत्तारूढ़ पार्टी के नेता, कार्यकर्ता, विधायक और मंत्री तक “Rihanna” के ट्वीट की आलोचना के लिए मैदान में उतर आए थे। तब इसे देश को बदनाम करने के लिए एक “अंतरराष्ट्रीय अभियान” बताया गया था।

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